मुखी मेथी का क्या कसूर
को क्यो कही के क()स की ()ज़ूर
Category: innate
दू दिला
हम-आरी आँखों
की रेखा ने देखा
क्या खींचा सु-लेखा
दिन दिला देखा
क()दर
ਖਾਲੀ ਖ਼ਮੀਰ ਖ਼-ਰਾਤ ਖਾਯੋ
ख़ाली माँ से ख़ाली बच्चे
चिन-चीन के भरपूर बरबाद को
आबाद द(ब)रते दूयीया के
एक एक के अ()दर
a _un
a gu_ _ur_ace()all pu_h _or + chan_e
in()id f_o_ing @ e_fort_ess – ran_e
ल लोटता
मा का काली ता तेहि तोलता
इसीलिए बुबा()न बाहर ढूंढ ढढोल्टा
दार दोलत्ति दर ददोलता
कहर कर काट कोटता
0 _en
u co_pa-er in()id wit_ godi’ em_tee ze_
0 u re_ain 1 _or_d’ _ol cit_zen
आ-हट 8
सांसो की बलि ऐसे सोती सा
शिशु के आते ही ख़ाली आहट आती आ
घटे घाट
एक पै-कट २०० ()ब्बे धटे
कितने केतू कटे डब्बे डार डटे
पिछले जन्म के आधा अधूरे बटे
इधर-उधर के अदर आज पूरे पटे
कसा कोसा
जो अपने _ut-तट के तलो को ख़ाली कर कही क()कते
वो क्या गोदी को सुरक्षित साक्षी सहेंगे सिकुड़ सकते
ख़ाली आरी
हम-आरी ख़ाली माँ नहीं
तुम-हारी vip
करपूर कब्र की दु(बली)हायी नही
अदर rip

You must be logged in to post a comment.