बद-भहस भास के लिए गोदी घर के ख़ाली दरवाजे बंद
इसी लिए ख़ाली दीवारों दे भरपूर सर सटकदे सद्दे सद
बद-भहस भास के लिए गोदी घर के ख़ाली दरवाजे बंद
इसी लिए ख़ाली दीवारों दे भरपूर सर सटकदे सद्दे सद
जिस ख़ाली लात ले गोदी का संतुलन सुरक्षित
उस ख़ाली खाट खो खा छू छक्के छार छ-वानी
पूछ पया पडी पेरो पी परायी पुरानी
गोदी के पास न आस है न पड़ोस पा प्यास
रिर्फ़ आधे ख़ाली रास
क()मो का कमजोर क()ज कूर काढ़ा
अंदर गाठे गाये नड़िया निढाल नाड़ा
धड़ बने p()art of माला
ख़ाली ज़ुबान महा-गिरी ह()हला महाला
दर-शाये शय्या शर-शा श()माये शाला
भरपूर काल सोने दे अदर के भरपूर बल बाला
y leas_ re-si_t ro_d in()id 0 _each em_tee eas_
in 1 wor_d on_y भरपूर 0s _ar eजूk_y-ted _ill _ais an-i-m@ed
is ख़ाली un()intel-li-gent un()ab@ed
we-do 0 breathe pas_dae
we-do create em_tee 2morrow
we do breathe em_tee 2dae
क्यो कही को ख़ाली कटी लकड़ी का दरवाजा जागरूक जहि जगता
कटी हुई सास को क्यो कही कडपूर काग-रुक कगता
कितनी केरहमी के कटकते
काली को माता क्यों कहते
मा को ता पसद आया एहते
ताव का तू तटे घड घडाया घाव घ-हते
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