जिस ख़ाली लात ले गोदी का संतुलन सुरक्षित
उस ख़ाली खाट खो खा छू छक्के छार छ-वानी
पूछ पया पडी पेरो पी परायी पुरानी
जिस ख़ाली लात ले गोदी का संतुलन सुरक्षित
उस ख़ाली खाट खो खा छू छक्के छार छ-वानी
पूछ पया पडी पेरो पी परायी पुरानी
गोदी के पास न आस है न पड़ोस पा प्यास
रिर्फ़ आधे ख़ाली रास
क()मो का कमजोर क()ज कूर काढ़ा
अंदर गाठे गाये नड़िया निढाल नाड़ा
धड़ बने p()art of माला
ख़ाली ज़ुबान महा-गिरी ह()हला महाला
दर-शाये शय्या शर-शा श()माये शाला
भरपूर काल सोने दे अदर के भरपूर बल बाला
y leas_ re-si_t ro_d in()id 0 _each em_tee eas_
in 1 wor_d on_y भरपूर 0s _ar eजूk_y-ted _ill _ais an-i-m@ed
is ख़ाली un()intel-li-gent un()ab@ed
we-do 0 breathe pas_dae
we-do create em_tee 2morrow
we do breathe em_tee 2dae
क्यो कही को ख़ाली कटी लकड़ी का दरवाजा जागरूक जहि जगता
कटी हुई सास को क्यो कही कडपूर काग-रुक कगता
कितनी केरहमी के कटकते
काली को माता क्यों कहते
मा को ता पसद आया एहते
ताव का तू तटे घड घडाया घाव घ-हते
*ting 1 _if wit_ 0 bi_th &ing
in()id 0 shar_ nec_ ne*t bअ()थ

7 _ear @mandalalit kee_ing 0 wor_
pre_sing 1 con_ern in()id _ol kal_uga
mu_t be a to()tal a-chi-eve_ent
for em_tee b_eat_ _ent
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