आधे ख़ाली अंदर घर
क्यो आधा दिखाये दर
आधे न मिले माला मीरे
आधा क्यो कर किले किले
Category: hohm
आधा चला चाहा
बया बो-रिया बाया bस्तर बाधो
भरपूर घर-गृह()स्थी सम्मान साधो
जरूरी जहान जूठी जुबान जाधो
अदर मै मान तू-फान तरो तर ताधो
घटा घोर
आत्मा ज्ञान घाट घो घोट घोट घूँटता
एक सच सूरमा सराय साया सूरता
को क्या
आत्मा ज्ञान सच सही सोता
मुच्चा मोती मोटा मोटा
चुकायो चट
एक दिन आधा जन्म का ऋण
आधी रात कलयुग कारी कात
डटे रा
शक्ति को पाठ पढ़ाते
जननी जन जन जाते
रस्ते रटे दगी डटे दाते
दिन-रात भर भिखाये भाते
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no_se po_lution 0 in()id
एक दुयीया के जहा()ज कितना शोर मचाते
उडते असुर अदर भरपूर भराम भाते
बारी बीमायारियो के बुराम बरसते
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_art of _ar
_art of भरपूर n@ur is to loo_ @
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भरपूर n@ur _urge wit_in/wit_ out
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दर ()हन
असुरो के पडपूर पसरे पेरो पी पादर
(चौ)पदी ()रन ची चादर चे चम्बी चढ़ी चा
1_um
su_t_ing for ever-y1 is 1 _hing
0 po_nt _ale _ing
जय जुबान
आधा जन्म की जली जय जुबान की जातो का जाडा जुलाब जहाना
गोदी आधे आ नाम नया नया नाता

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