सास के दामाद के व()न ने
आज तक किया ही क्या है
सेवाये बीमारियों को पनाह देके
gut की ज़मीन को भरपूर काला किया है
अब तो बीमारिया भी @_ach हो गयी है
ज़मीन के तारे है भसरपुर सितारे केहते है
वारे न्यारे अंदर बसीठो जाम है कुंवारे के
संग करते है आराम के इशारे है
सौर मंडल के भवँरे प्यारे
आराम & शोर भी अच्छे
दोस्त है इधर उधर के
और आते जाते कटे रस्ते
भरपूर भीड़वाले अंदर

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