re()e-ner8 आधे
gut मईया साधे
babi o की राह एह
ख़ाली है वाह देह
आधे आधे आधे
re()e-ner8 आधे
gut मईया साधे
babi o की राह एह
ख़ाली है वाह देह
आधे आधे आधे
y ki is to _ork इधर-उधर s_arter
un()not brea()ing in()id
u अंदर-बाहर har_er
& _ho is be___ing a
y _ea_er
भरपूर
gut गोदी के अंदर के
आधे सांसो को भूला कर
तल की सास का भरपूर आधा
_m-art समझ्ते है
अंदर-बाहर
इधर-उधर
अब छांटी तो होगी ही
कितने जनमो के अंदर बिंदी गवती
gut मईया के ख़ाली डंडे पर भरपूर
शक हो रही है तो कश कर को
सास को तूतू में में को भू-लेन
भालने में आसानी
होगी अब
भरपूर बाहर की तूतू में में बहुत गवाती
अब घर के अंदर की ख़ाली मेहनत
हमारे चाहे से क्या ख़ाली
अंदर भरपूर होता है
अब तुम्हारे चाहने का वा
इधर उधर का लाला
बाहर होता है
_eath _appen to _eca-y
for boondia are eternal
emptee birthing alive
within emptee
gut()ga
ख़ाली सांसो के गुजरे हुए ही
समय के अंदर ख़ाली गए हुए है
भरपूर आ गए तो समय भी
दोगुना भार भर देगा
दिन को बाहर जाते है
और शाम को घर पकाते है
कौन से बाहर में घर के
अंदर के शाम को पूरा
करते है
हम दो हमारे दो
तूतू में में लो
भरपूर खेलो
y p_ _eed _ual ss
gut गोदी में शाम को नहीं पकाते
आम पक्का हो जायेगा
और भरपूर तल पूरे तल को
पक्का पड़ेंगे
gut गोदी के बच्चो की चुपी
गोदी के gut की चुपी को
सुरक्षित करती है
तुम्हारे घरो को तुम्हारी तूतू में में
की भरपूरता भी भर भर के
जू को जांचती जय
रक्षित के आगे को ही सू कस रखा है
चुपी लौटाई ला ळक्ति लो साँस के अंदर
लेकिन भरी बान के जु कैसे लौटाओगे
इधर उधर कर लिया ma()ch
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