सास का विश(का)वास करता है भरपूर का पूरा नास
जरूरते कामयाब नसीब भरपूर नकाब
चेहरे भूले रास्ता अदर न मिले रुकाव
खिल खिल खेलता रहे भरपूर झुकाव
सास का विश(का)वास करता है भरपूर का पूरा नास
जरूरते कामयाब नसीब भरपूर नकाब
चेहरे भूले रास्ता अदर न मिले रुकाव
खिल खिल खेलता रहे भरपूर झुकाव
i-m-()art-ing g(ut)odi
सास को फे()हमी बहुत है
अदर की दामाद की-ती गलफियो की
ज़िन्दगी नहीं हारे अभी तक है बाकी दगी
जो भरपूर सर के आगे न रूकती ठगी
y _ame _if a()m
तुम्हारी तूतू में में क्या
gut गोदी की me-()ea से पैदा होइ है
जो तुम-हारे _-it-ti के शरीर
गोदी की मिट्टी में ही मिल जायेंगे
y do u _eed to _no
y in()id u @ar po()erfu()l
as ever-y-1 in()id on wor_d
un()not u no
no-1 _as no()thing
po()er on this plan_et
a b_ing on y spi()it-ual
_ath un()war of _ean of
un()er-st&ing 4 that hi()ch
_ast’ s()c of y in()id u t()uble
is in()id & see_ing
y _ell()eing is out()id
nothing dou()t
y in()id u it _ill is
_ol _ost
ever-y-on has 2 pae
_ual * u car()y un()on
बैठा करके भी बान की जू को बिठा
नहीं सकते तो भरपूर के खड़े होने से
जुबान भी खड़ी रहेगी दुनिया के
भरपूर घराने अंदर के पुराने
जमाने दिखावे दिल-दार
यकीन भरपूर माने
y in()id u _if is @ for()front
of भरपूर eies th@ u for()et
a-lon _ise
as this is _not al_aes po( )ible
y _not
for y in()id u _ots of
u _ot bec()me y _ot
भरपूर gut की भरपूर जात क्या होती है
बेचारा
बीमा-या-रियो का कुवारा
वारे न्यारे
इधर उधर निवाला
अदर का भरपूर हवाला
न उतरे सास
दामाद फुरसत वाला
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