y-0-s का सात दिन का _un_ay
& u get आधा जन्म-दिन का एक don()ay
y-0-s का सात दिन का _un_ay
& u get आधा जन्म-दिन का एक don()ay
y-0-s in()id u ar _ill _outh _est _out
0 su()e w()ere to _tart in()id s_ining art of un_air bec()me भरपूर _art
ख़ाली आत्मज्ञान साँस के भीतर से सृष्टि गोदी के अंदर ही ख़ाली समाता है
बाहर की दुनिया का सीखा सास के अदर को भरपूर अपवित्र मे-ला ही भाता है
भरपूर सास के दामाद की अदर की एक-एक न-फरत की दीवारे
gut के अदर भरपूर भू की कंपनी से गिरती है
सास का दामाद एक एक कपनी पैदा
करने मे भरपूर बस-y है
मौत के बाद का ख़ाली घर अगली सास मे
ख़ाली याद भरपूर रहता है
as y-0-s sae it’ a _mall wor_d
co_par 2
कलयुग का चक्र तो बहुत छोटा होता है
सास को कहा याद रहेगा आगे पीछे का रोकड़ा
गोदी के अन्न को इज़्ज़त से स्वीकारो
नहीं तो अदर ही महाभारत भरपूर (मा-वा)रो
उससे क्या होगा किस(ी-की)मत के भरपूर सितारो
आधा जन्म भरा रहेगा दुनिया के एक राज(बीमा)ला-रो
t-v पे बरतन के तल को चमकाने वाली बाई है
इसी लिए सास का दामाद भी भरपूर बायी भय
भरपूर वारती उतारो मगल-मारती भरपूर मय
ग्रहो के अंदर ही गहरी ()वायी भरपूर लय
सृष्टि गोदी की जुबां ख़ाली बरसती नहीं
इसी लिए हर सास भरपूर सती सही
हम मईया की ख़ाली आँखों में ही
काले-से-सफ़ेद-से-काले होते है
गोदी की आयने ख़ाली ही मजबूत होते है
सृष्टि को संजोए भीतर की धारे ही
ख़ाली साँस होते है
भगवान एक
और भक्त अन्ने नेक के भरपूर टेक
फिर रखो आखे क्या नीचे फेक
You must be logged in to post a comment.