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ri_ & _it out _oam
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Category: gut
मास मस्या
पैदा होते ही आत्माज्ञान की हत्या
घर घर आया जन जन सख्या सत्य
आख खुली अदर वास वस्या
मनाया भूल-भयी भस्म भस्या
मही मिलती
आत्मज्ञान की हत्या से मुक्ति की आँख नही खुलती
is th@ co_ing f_om deep wi-thin
एक युक्ति
दुयिया-समाज मुक्ति
an em_tee _ut im_un_tie
0 en_o_ed in()id @ all
for no 1 _as ho_
priv(y)il()ge
in(out)id सख्ती
फफायी अभि()यान मान
जन जन बाहर लोटा दुयिया अदर घला घोटा
गला गोटा भला भोटा
तू बूढ़ा मै बचा शाह
सौदा समाज सच्चा साह
गन्दगी अदर आशा नि()चाह
वह वोह वारपूर वाह
तूतू मै मै ने निसने नाता नोडा
समाज सा सुधार अदर निगोडा
जहा जहा तूतू मै मै की जुबान वही
होती प(द)ढाई जन जन की पहचान
आप ने हम से शादी करके तुम
पैदा किया तूतू मै मै का समाज
ever-y1 _ood re_ult
_eave no t1 un()urned
y-0-s in()id u mo_ning _ice
(he-we-ste)al-thy yie_
_y ni_ tu_ned th_ice
wit_out o_er_ooking
आधा जन्म hoo_ing
एक-रे
घर घी घसोई मे अग अग क()जी झडने से
y-0-s in()id u hi-lo le_el so_ie-ty’
1 sy(t_eet)em out()_rongho_d _unch
0_it_st&ing in()id _unch
सूक्ष-म()तम (pet-it)
कीटानु जन्म बाहर नही लगता आधा-एक फैलने मे
और आधा जन्म अदर नही मुकता एक कीटानु सभालने मे
ले आयो अगले जन्म का आधा-एक कीटानु
roun_ _an
0 tan_le ys-lf in()id 1 ban()गल 1sel_
_ie_an 0 _an
ज-स्व()स्थ जय जोते
आधा जन्म जही जगता कल के किटानु कैलाने के
और सास सोते है कीटानुयो के ढेर मे सपने सजोते से
स्वच्छ बाहर तूतू मै मै स्वस्थ अदर मेरी जुबान का स्मा(दा)ज
तभी तो आगे बाहर बूडेगा आधा जन्म अदर लुडेगा

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