ज्ञान जो अनजान बनाये
अनजन कैसे महान लुटाये
अदर अपमान गहरा बड़काये
बाहर सीखो उचाई जगाये
ज्ञान जो अनजान बनाये
अनजन कैसे महान लुटाये
अदर अपमान गहरा बड़काये
बाहर सीखो उचाई जगाये
साँसें क्या ठगे देखे ठहर
अंदर बैठे काली कहर
निगला नीला नाम नहर
पिघला पीला पूरा पहर
no _alking
w_ile _tal_ing
एह एहसास
हमारे साँस पास
गोदी की आस
न रहे उदास
ख़ाली ख़ास
गहराई का अनुमान
नहीं साँसों का मकान
धारे ध्यान धूम धन्वान
ख़ाली साँसे सारा सम्मान
बहाये अंदर बहारे बईमान
ਸਮਾਜ ਸਿਲੀਆ ਜੁਬਾਨਾ
ਭਰਪੂਰ ਭਾਰ ਭਕਾਨਾ
ਅਦਰ ਨਹੀ ਖਾਲੀ ਖਾਨਾ
ਦਿਨ ਰਾਤ ਦੂਯੀਯਾ ਦਾਨਾ
जुबान का करजा
नही समाज का दरजा
जो सामने गरजा
अकेला आरजू अरजा

१०० में आगे आधे
अंदर नहीं भागे
निगले नाल नागे
पिघले पाल पागे
दलदल दले दागे
बाहर बहाए बागे
क्या कहे कागे
असुर अधूरे
घूरे पाल पूरे
समझे ()सूल सूरे
निकले नाल नूरे
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