-ल

तूतू में में की दुनिया पूरी जेल

एक चोर एक सिपाही का भरपूर खेल

भरपूर आधा इधर उधर पूरा मेल

एक बाहर भागे एक अंदर रेल

अंदर का बच्चा वारा फेल

अब भागो आई सारी बूंदियो की

मईया का gut _op ख़ाली a-वेळ

निराली छाया बांधे ख़ाली gut गोदी ऐल

पडो

सास के दामाद की पढ़ाई बहुत हो

गयी gut गोदी तो पहले से हे डूबी पड़ी है

(पिछले, आज और आगे को मिला के

कलयुगा 2 कलयुगा

भरपूर ने तो इक ही काम भरना है)

दामाद तो हमेशा ही क्यों की निराशा

की आशा को ही पूरा पांडेगा