भरपूर gut की भरपूर जात क्या होती है
बेचारा
बीमा-या-रियो का कुवारा
वारे न्यारे
इधर उधर निवाला
अदर का भरपूर हवाला
न उतरे सास
दामाद फुरसत वाला
भरपूर gut की भरपूर जात क्या होती है
बेचारा
बीमा-या-रियो का कुवारा
वारे न्यारे
इधर उधर निवाला
अदर का भरपूर हवाला
न उतरे सास
दामाद फुरसत वाला
नमक सब-जियो की यारी को गला देता है
गले के अंदर सारी सब ज़िया गुजर
जाती है आराम से
उससे gut के अंदर के भरपूर जी कब
तक पक्के रहते है
ਕਾਲਾ ਜੀ ਕੱਚਾ ਕੱਚਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈਨਾ
ਸਬਜੀ ਨੂੰ ਫੜ ਲਿਆ ਅੱਗ ਨੇ
ਜੀ ਜੀ ਦੀ ਪਈ ਪਾ
अपने सपनी से ज्यादा अपनो के भरपूर सपनो की फिक्र रहती है
भरपूर का फायदा तो पूरा ही होना चाहिये
मार धाड़ के सपने तो सब के एक है
मुझे आगे बड़ना है
अब यह भी ले लो
भरपूर न तो पिछे हटता है और
न ही आगे निकल नाता है
यह तो बीच में हे कही अटका हुआ है
मद मद का अकल है
सास के दामाद में क्या हो रहा है
भरपूर को पूरा प्यार पता पारा है
gut गोदी की ख़ाली बात सारे
पते पते को अनुमान सारा
on go_z-ill-a
अब ढूंढना एह है कि कहा
छुपा के रखे है अंडे
मिल गये डंडे
बस बस
अब और नहीं on dae
आज ही होगा ख़ाली ज़िले का
hae bae or _tae …
आधे-()स्सु तो ख़ाली सूखे साढ़े है
भपूर आधा-आधा तो रूखे ()रडे है
स-पनो के अंदर भरपूर पसीना नहीं बहाता
सीना भी तो सेना को एक प से मिलाता
तभी दिन भी सपना बन कर निकल जाता
भरपूर फल मन-तर मुग्ध देखे मस्य का मल निकल जाता
y @_ar are s()in-ing in()id
bharpoor dar_ness
y in()id u @r s_out-ing in/out _oud
is gut alone mother nature
un()not _is10ing
wit()in chi_d
i want ever- -thing in()id y th@
u _eed em()tee 2 this
no
y ()oose
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