_us-y is y _le__ing_
_no_ w_en y to pe_k
_tre_pa__ing
in()id u _a_y-ing
_us-y is y _le__ing_
_no_ w_en y to pe_k
_tre_pa__ing
in()id u _a_y-ing
आधे ने व()न तो दिखा दिया
अब उसे ख़ाली कौन करेगा तुम्हारे
अंदर तो आधे है हे नहीं
अब आधे बेताल तो उड़ा और
राजा विक्रमादित्या को मिला घड़ा
दौड़े पैर ढूंढा किला
आ बेताल सेहला ले गिला
मिल बैठे साँझ का सिला
अगर समय को चलता फिरता
भरपूर नज़र आएगा तो
समय भी भरपूर से दूर दौड़ेगा
i.e. _ime is run-n_ing as
_aid bie y भरपूर
_he #1 di_t _ver-y-on
_’ood fo()o_
wh@ e_se do_s y _eed
su()tract 2
nono ad
adhe m_id this cl()ar
lon_ a_o
gut मईया ma_e_tea is
ex_ecting _irth of
_alf em()tee cal_ u-ga
और तुम्हारी तूतू में में की भरपूरता
gut मईया की कोख में अड़चने
पैदा कर रही है और तुम्हे इस बात का
ध्यान सारा ख़ाली है एह तुम्हे
भरपूर भारी पड़ेगा सास के
दामाद के अंदर
अब तूतू में में की दुनिया में सभी व्यस्त है
भरपूर की हाँ में हाँ मिलाने में
तो फिर gut गोदी में वृद्धि
किसकी हो रही है
ख़ाली सांसो का
ख़ाली निकास अंदर-बाहर
y _av c_o__ed all li()it’ in
sp()eading भरपूर आधा
in()id u un()not ha_
touc()ed wit()in t()in
to()tal a-lon _in
no _in _eep _in
@ _ric of em()tee fa()in
आधा को क्या भूलने की पड़ी है
या फिर भू के अंदर भरपूर
भूलक्कड़ लाने की लड़ी है
फिर तो लगता है की
लक्कड़ का ख़ाली आधे
भू के ख़ाली आ-ईरादे
खींची जाए सीधी नाक
चुप चाप भागे नेक न दे
_ut na()ur is wit()e__ing
y भरपूर बीमारिया in(out)id u
for nature no
neither app-i
nor _ad y _ri
ju_t be str8 no
_’ood u be 2
सौगाते भरपूर गिराती
तुम्हारा हारा आधा ठुकराती
आधे ख़ाली अंदर इतराती
रात दिन सुरो सुर भरमाती
आई माटि अंदर दाति
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