बाहर की इधर उधर की इस्तरी से
मु-खोटे सीधे नहीं होते तो
अंदर की इस्त्री
भरपूर इधर उधर है
भरपूरी भरे रहो
बाहर की इधर उधर की इस्तरी से
मु-खोटे सीधे नहीं होते तो
अंदर की इस्त्री
भरपूर इधर उधर है
भरपूरी भरे रहो
y दिन चराने को _y-veda
में दिनचर्या कहते है
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_ai-l-y ()u()in
i.e po()er y up/_o_n
wit() gut na()ure’ p_o_te_n
_oes y in()id u _ec()me ()or
or _ess co()n-it-iv ju_t b_e
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to _ik _ook
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u()ut in()id pre_ic()ed
y ()all
wit()in _ap of na()ur
in()all
y sho()er_ _ho_er_ on wor_d in()id u ba()ing nac()ed _lass _oor s_ed o_en run-ing _a()er
कितनी ख़ुशी से भरपूर तूतू में में के
कीड़े सास के दामाद में भर रहे है
(दामाद तो ख़ाली भरपूर होने से रहा)
ओ मूर्खो gut में डालो ताकि कुछ
तुम्हे भी फायदा हो
to()tal _eat is _oing to chi__
in(out)id _ac()er_a
no is th@ a _ood y on
or f_y-ing y _id on
जस सास पहले ही बीमारियों से
भरी पड़ी है तो जनम के बाद क्या
ख़ाली हो जायेगा
सास का दामाद सारे जन्मो में
एक ही भरपूर को भरता है
अंदर जो आज की ख़ाली
आस अगाये आ
&
असुरो की अकल तूतू में में की
मास चरने गयी है और मुँह
आज खोल के वास से गन्दा
कर रही है gut गोदी
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i_n()ing u a-lon wit()in
un()not ()is to _ur()ace
i()nor y u 2
wit()in eie c
y u __no()ing
wit()in _ap of _ut na()ur
जब आधे ही पैदा नहीं हो सकता
तो बीमारिया कहां से पैदा हो जाएंगी
एक एक बाल के काले से सफ़ेद
गिरने होने का लेखा है
gut गोदी के अंदर
जैसा वाह वैसा राह
ਬਾਹਰੋਂ ਸਾਰੇ ਤਾਲੇ ਤੋੜ ਦਿੰਦੇ ਆ
ਕੁੰਡੀ ਘੁਮਾ ਕੇ
ਤੇ ਅੰਦਰੋਂ ਦੀ ਧਾੜ ਕੇ ਬੂਹੇ ਬੰਦ ਕਰਦੇ ਆ
ਕੁੰਡੀ ਵੀ ਘੁਮਾਨੀ ਔਖੀ ਲੱਗਦੀ ਆ
(ਹੱਥਾਂ ਦੇ ਤਲ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਆ)
ਆ ਇੱਜ਼ਤ ਮਿਲਦੀ ਆ
ਖਾਲੀ ਅੰਦਰ ਨੂੰ
ਜਦ ਅੰਦਰ ਖਾਲੀ ਨੂੰ ਗਿਰਾ ਕੇ
ਰੱਖਿਆ ਹੋਇਆ ਆ ਤੇ gut ਗੋਦੀ ਦਾ
ਖਾਲੀ ਕਿਵੇ ਖਾਲੀ ਵਿਖੇਗਾ ਭਰਪੂਰ ਨੂੰ
भरपूर को सामने दिखाते भरपूर है और
खुद के ख़ाली अंदर को
दिखावे में भूल जाते है
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