ਇਹ ਕੁੱਟੀ ਹੋਯੀ ਇਲਾਚੀ ਚਾਹ
ਵਿਚ ਰੋਜ ਸਵੇਰੇ
ਕਿੰਨੀਆਂ ਨੂੰ ਕੁਟਦੀ ਹੋਇਗੀ
gut ਵਿਚ ਅੰਦਰ
ਤੇ ਪਹੁੰਚਦੀ ਵੀ ਹੈ ਕੇ ਹੈ
ਹੈ ਨਹੀਂ ਭਰਪੂਰ ਵਿਚ
g(ut)-a-min-a
wit_()&
ਇਹ ਕੁੱਟੀ ਹੋਯੀ ਇਲਾਚੀ ਚਾਹ
ਵਿਚ ਰੋਜ ਸਵੇਰੇ
ਕਿੰਨੀਆਂ ਨੂੰ ਕੁਟਦੀ ਹੋਇਗੀ
gut ਵਿਚ ਅੰਦਰ
ਤੇ ਪਹੁੰਚਦੀ ਵੀ ਹੈ ਕੇ ਹੈ
ਹੈ ਨਹੀਂ ਭਰਪੂਰ ਵਿਚ
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_as_er of no()thing
_isa()ster of y ever- -thing
th@ no-thing _as pa_ed
wit()out _cra()ing _s y _ass
& this no()thing is
wiw o em()tee da_
ख़ाली समय का समाया क्या सिखाया
wit()in is _till ti()e
gut मईया के गोदी के प्यार ने
तुमको ख़ाली इबादत नहीं सिखाई
इतनी सी भी
लाहनत है तुम्हारे भरपूर पर
आधा-आधे की सम्पूर्ण शुद्धि में
रात-दिन गम हो हाते है
आधा गुम हो जाये तो भरपूर बुद्धि
(जिसे अंदर बैठना नहीं सीखता)
और अगर आधे गम हो जाए
तो कत्थक-कली सो सिद्धि
ख़ाली नाट्य ख़ाली वृद्धि
आधे का ख़ाली दिल (_il) लूटना है
कोशिश को ख़ाली कशिश से जोड़ लो
गम गम गम
अब देखना आधे कैसे सफ़ेद-काली
गप्पियों को गम करता है
अंदर-बाहर
इधर-उधर
जब आधे का स्वयंवर रच रहा रे
तब कहा थे
आईने में कैद करके रखा है
y ki is to _ork इधर-उधर s_arter
un()not brea()ing in()id
u अंदर-बाहर har_er
& _ho is be___ing a
y _ea_er
भरपूर
gut गोदी के अंदर के
आधे सांसो को भूला कर
तल की सास का भरपूर आधा
_m-art समझ्ते है
अंदर-बाहर
इधर-उधर
अब छांटी तो होगी ही
कितने जनमो के अंदर बिंदी गवती
gut मईया के ख़ाली डंडे पर भरपूर
शक हो रही है तो कश कर को
सास को तूतू में में को भू-लेन
भालने में आसानी
होगी अब
भरपूर बाहर की तूतू में में बहुत गवाती
अब घर के अंदर की ख़ाली मेहनत
हमारे चाहे से क्या ख़ाली
अंदर भरपूर होता है
अब तुम्हारे चाहने का वा
इधर उधर का लाला
बाहर होता है
दिन को बाहर जाते है
और शाम को घर पकाते है
कौन से बाहर में घर के
अंदर के शाम को पूरा
करते है
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