सृष्टि गोदी का ख़ाली ज्ञान आधे को
बुँदिआ जीवित जीने के लिए
धयाया धा
सृष्टि गोदी का ख़ाली ज्ञान आधे को
बुँदिआ जीवित जीने के लिए
धयाया धा
ख़ाली बच्चे ख़ाली माँ की कोख
में उँगलियाँ नहीं उठाते
em_tee chil_ren 0 go out
for sigh_ s(ee)ing
_either in _or out
हमारे पुत्रो का ख़ाली गुण-गान हो
हमारी पुत्रिओं का ख़ाली देवी दान आदर लो
वैराग्य के अंदर नहीं होता
ख़ाली माँ का भरपूर सौभाग्य
विद्या gut की
नहीं आसान मटकी
जो न गिरा अंदर झटकी
आँख लुढ़की साँस नटखटकी
नन्ही नुनकि
o_m
केवल्य आधे
ॐ(काल) आधे
शून्य आधे
आधे मईआ खिलाएगी
गोदी मईआ सुलायेगी
बुँदिआ मईआ नहलाएगी
बन बन बूँदी बज्जे
बुलाए बूँदी बत्ती बाआ बट्टे
ख़ाली खून खहो
मस्त मंदर मरो
गोदी के गुण गहो
सांसो से शास्त्र सहो
ख़ाली-मरपूर महा-भारत
आनंद अंदर आत्मा आँचारित
पर(माँ)नन्द पा()चरित्र
गोदी ख़ाली अणु परिवार
है बनवास अंतर्मन स्वीकार
आधा-आधे ध्यान धरो दी(वा)दार
सृष्टि गोदी हरी(नि)राली आशीर्वाद
आमने सामने का शिकार
चुप छाप ख़ाली मजधार
बुँदियाँ का ख़ाली खुमार
आधा क्या है दिन्दा दिल्ली
नही अदर बाहर त्यार
धरती का १० पुत्र आगे १०० गया
हरी(निर्ण)आली आई सृष्टि गोदी
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