सृष्टि गोदी के नंदन
आऔ हमारी सांसो से समधन
वस्सु राज्जे वंदं
श्री कल्कि जी के
बिंदु बंधन
सृष्टि गोदी के नंदन
आऔ हमारी सांसो से समधन
वस्सु राज्जे वंदं
श्री कल्कि जी के
बिंदु बंधन
जितनी ज्यादा पेट से भरपूर हवा
निकलती रक्ति
उतना ही गर्मी-ठण्डी का अनुमान
सांसे समा शक्ति
अलख निरंजण
सृष्टि गोदी का अन्न-जण निराकार
भिक्षां देहि भिक्षां देहि भिक्षां देहि
हे अन्नपूर्णा देवी
आधे को गोदी नंदन के लिए
गोदी उद्धार आदान कीजिए
सृष्टि गोदी का ख़ाली ज्ञान आधे को
बुँदिआ जीवित जीने के लिए
धयाया धा
ख़ाली बच्चे ख़ाली माँ की कोख
में उँगलियाँ नहीं उठाते
em_tee chil_ren 0 go out
for sigh_ s(ee)ing
_either in _or out
हमारे पुत्रो का ख़ाली गुण-गान हो
हमारी पुत्रिओं का ख़ाली देवी दान आदर लो
वैराग्य के अंदर नहीं होता
ख़ाली माँ का भरपूर सौभाग्य
विद्या gut की
नहीं आसान मटकी
जो न गिरा अंदर झटकी
आँख लुढ़की साँस नटखटकी
नन्ही नुनकि
o_m
केवल्य आधे
ॐ(काल) आधे
शून्य आधे
आधे मईआ खिलाएगी
गोदी मईआ सुलायेगी
बुँदिआ मईआ नहलाएगी
बन बन बूँदी बज्जे
बुलाए बूँदी बत्ती बाआ बट्टे
ख़ाली खून खहो
मस्त मंदर मरो
गोदी के गुण गहो
सांसो से शास्त्र सहो
ख़ाली-मरपूर महा-भारत
आनंद अंदर आत्मा आँचारित
पर(माँ)नन्द पा()चरित्र
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