रात का सत सम्पत सूर्य
पिघले चौथा अंदर तूर्य
पूर्ण सांसे त्रिशूल शौर्य
मन्त्र मुग्ध माली मौर्य
रात का सत सम्पत सूर्य
पिघले चौथा अंदर तूर्य
पूर्ण सांसे त्रिशूल शौर्य
मन्त्र मुग्ध माली मौर्य
shunea veda
4
shunea gut
4
shunea breathing
आधा जन्म की पूर्ण ख़ाली
आधे साँस
सृष्टि गोदी बुँदिआ
मईआ
को मुबारक़
श्री श्री श्री
देवकी रुक्मिणी यषोदा
सारी बुँदिआ कलयुग के केवल्य
आधे बूंदी के अंदर सृष्टि
गोदी वसु-बा को निर्धारित
नमय ने नाए
—
आधा ऊपर
आधे निचे
बीच में गोदी
सींचे
u _ar surrounded with
o and r
who do u want to start
_ar in()id with 1st
thae are total sounds
a shunea gut is
wiw o
an infinite
womb
काआ कन्हईआ कल्कि
लए लाए आधे आम c_i
सृष्टि गोदी के नंदन
आऔ हमारी सांसो से समधन
वस्सु राज्जे वंदं
श्री कल्कि जी के
बिंदु बंधन
जितनी ज्यादा पेट से भरपूर हवा
निकलती रक्ति
उतना ही गर्मी-ठण्डी का अनुमान
सांसे समा शक्ति
अलख निरंजण
सृष्टि गोदी का अन्न-जण निराकार
भिक्षां देहि भिक्षां देहि भिक्षां देहि
हे अन्नपूर्णा देवी
आधे को गोदी नंदन के लिए
गोदी उद्धार आदान कीजिए
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