नन्दु तुम्हारे अंदर के किले की कला ख़ाली बंधु है
चारो और का ख़ाली यश भी मन मुघ्द ख़ाली संधु है
तो फिर गोदी की गंध भी ख़ाली सुगंध सिंधु है
आधे आम तो ख़ाली गेंदा गंजु है
नन्दु तुम्हारे अंदर के किले की कला ख़ाली बंधु है
चारो और का ख़ाली यश भी मन मुघ्द ख़ाली संधु है
तो फिर गोदी की गंध भी ख़ाली सुगंध सिंधु है
आधे आम तो ख़ाली गेंदा गंजु है
th@ no-thing _as pa_ed
wit()out _cra()ing _s y _ass
& this no()thing is
wiw o em()tee da_
ख़ाली समय का समाया क्या सिखाया
wit()in is _till ti()e
gut मईया के गोदी के प्यार ने
तुमको ख़ाली इबादत नहीं सिखाई
इतनी सी भी
लाहनत है तुम्हारे भरपूर पर
आधा-आधे की सम्पूर्ण शुद्धि में
रात-दिन गम हो हाते है
आधा गुम हो जाये तो भरपूर बुद्धि
(जिसे अंदर बैठना नहीं सीखता)
और अगर आधे गम हो जाए
तो कत्थक-कली सो सिद्धि
ख़ाली नाट्य ख़ाली वृद्धि
re()e-ner8 आधे
gut मईया साधे
babi o की राह एह
ख़ाली है वाह देह
आधे आधे आधे
gut गोदी के अंदर के
आधे सांसो को भूला कर
तल की सास का भरपूर आधा
_m-art समझ्ते है
अंदर-बाहर
इधर-उधर
अब छांटी तो होगी ही
कितने जनमो के अंदर बिंदी गवती
gut मईया के ख़ाली डंडे पर भरपूर
शक हो रही है तो कश कर को
सास को तूतू में में को भू-लेन
भालने में आसानी
होगी अब
भरपूर बाहर की तूतू में में बहुत गवाती
अब घर के अंदर की ख़ाली मेहनत
_eath _appen to _eca-y
for boondia are eternal
emptee birthing alive
within emptee
gut()ga
ख़ाली सांसो के गुजरे हुए ही
समय के अंदर ख़ाली गए हुए है
भरपूर आ गए तो समय भी
दोगुना भार भर देगा
gut गोदी के बच्चो की चुपी
गोदी के gut की चुपी को
सुरक्षित करती है
तुम्हारे घरो को तुम्हारी तूतू में में
की भरपूरता भी भर भर के
जू को जांचती जय
रक्षित के आगे को ही सू कस रखा है
चुपी लौटाई ला ळक्ति लो साँस के अंदर
लेकिन भरी बान के जु कैसे लौटाओगे
इधर उधर कर लिया ma()ch
ਕਾਲੇ ਦਰਵਾਜੇ ਦਾ ਬਲ ਮਤ
ਘਰ ਵੀ ਕਾਲਾ ਈ ਆ
ਤੇ ਫੇਰ ਪੱਥਰ ਕਿਊ ਚੁੱਕਿਆ
ਬੁਜ ਨੂੰ ਪਤਾ ਸੀ ਖਾਲੀ ਜਾਨ ਆ
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