a _ib()r@ed gut is to()tal wit()in chi_d
b()eathe em_tee no()thing for to()tal mother nature
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un()not b()eech o_n gut’ t()in _ine
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10-10
01-01
बाहे ख़ाली फैलाने से ख़ाली धड़ अपने आप उठता है
(हवा को ख़ाली चूमने को)
gut मईया की बूंदियो को ख़ाली गले में उतारने के लिये
जैसी gut मईया झुक के देखती है गोदी में बूंदियो को
बूंदिया भी रुक रुक के झुकती है गोदी की आँखों में gut मईया को
888888888888888888888888888888888888888888
please support wiw o babi 0one0ness within mother nature’s womb(gut)
एह-यह इश्क नहीं आसान
सांसो का है ग़म घोर तूफ़ान
काळा बदलो का घन घन घान
धीमे धीमे मचाये रेल का ख़ाली मचान
gut गोदी में अकेले जन्म लेने से
अकेली गोदी में अकेली gut मईया की
शक्ति रूपेण शत शत
स्वरूपं सम्पूर्ण स्थान
आधे gut मईया के आधे है
तो रा-आधे हुए न
ऐसे लिए तो
रा-धे to()tal आधा-आधे है
गोदी के ख़ाली पन्नो पर पणमृत है
gut मईया की पहचानी ख़ाली
निशानी कैसी होती है
आधे की
जैसी तैसी नस्सी
वैसी ऐसी
बलराम का आम देखो ध्याया धाम
आधे अंदर बुलाये इत उत सारा काम
gut गोदी में रहे बूंदियो का ख़ाली नाम
सदा सदा खेले ख़ाली गुंजो गा गुरु-शाम
a qu_et brea()ing is
paeing to()tal re_pect to
emptee t-on()u in()id
sil()n’t _ung
आज तो बिजली चमकेगी
चकमक चकमक चाव चकेगी
चुलबुली चाल गोदी मचलेगी
१४ बरसो के रात-दिन का जन्म
गोदी के ख़ाली नाम पुन्र प्रवेश का नमन
आधि बूंद की आदि बिजली का बंधन रमन
जनम दिन(रात) मुबारक हो ख़ाली जाम अमृतम अमन
आधे कही भी रहे गोदी के अंदर रावा
सारी गोदी का पता पत्ता मावा
आधे गोदी का ख़ाली बावा
gut ज़मीन उगले आधे भरपूर लावा
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