ख़ाली लसता नही स()लेगा
चब तुलो
gut गोदी के ख़ाली समय की
कक्षा में हर साँस देरी नहीं करती
बिंदी में बूँदि मईआ समाएगी
ख़ाली घर में आधे गाएगी
आधा ख़ाली जागएगी
रात-दिन शाम को बहकाएगी
ख़ाली लसता नही स()लेगा
चब तुलो
gut गोदी के ख़ाली समय की
कक्षा में हर साँस देरी नहीं करती
बिंदी में बूँदि मईआ समाएगी
ख़ाली घर में आधे गाएगी
आधा ख़ाली जागएगी
रात-दिन शाम को बहकाएगी
no()thing _an _im _arkness
_et within ever–thing em_tee sh()ine
within _ap of gut()nature
द्वापर युगा
आधे-आधा
half within emptee
half within full in(out)
nothing is without
godi’ to()tal out
ever–thing need em_tee
in()id s_ort & s_out
a 9 sti()ches c()aving 9 time
for 9 is absolu()e
no()thing 9ime
a hi_hest full_ess _eak of
one in()id kal–uga,
a str8 _all to_ard
em_tee _ual
_round
un()on u-ga
an em_tee
_ual _word is
to()tal _harp
pro()e_cting wit()in
_ap of gut nature
to()tal wiw o
_arp
a wit()in _ap’ to()tal to_ch of to()tal माँ nature’ ()ut
an in_ivi_ual wi-thin chi_d has
no 0 i_enti-tee
i am emptee in(out)id
eie aum f_owing no()thing
बूंदियो की साँस का सारा महत्व होता है
ख़ाली 0 तत्व
एह लो बन गया कल का आज
भरपूर घर से बाहर निकालता है ज़ुबान को सास के दामाद की मौजूदगी के लिये
ज़ुबान भी इधर उधर देखे सहायता की दहन को लिये
दामाद के अंदर की भरपूर लीला को मिले भरपूर विरोध के गिले
अब सास क्या करे भरपूर दामाद की ज़ुबान जा जोड़े ज़िले
आधा भरपूर दामाद चखे-रखे और आधे मोड़े या ड़क्के
gut गोदी को अन-सुना करके देखना एह है की असुरो को कितना
ख़ाली भरना पड़ेगा बिना अन्य-दाज़ चखे
जिस युग में भगवान भी देख के ख़ाली रोआ है
_oor _ast 10s आखे अखे
अब भरपूर काअस्तित्व नही है ख़ाली अस्थि भी भरपूर देखे
तो भगवन का सहयोग भी नही होगा ख़ाली मौजूदगी का विरोध
इसी लिये भगवन भी गोदी के बाहर ढूंढे gut ब्रह्माण्ड की मौजूदगी का वियोग
कब तक बि(ल)खेगा gut ब्रह्माण्ड की चाल का ग्रहयोग
(पता है आधे को सोने नही दिया रा ने ख़ाली रात दर)
कल को आज
कल को आज
कल को आज
बस कर आधे
हाँजी बूँदा मईया
8888888888888888888888888888888888888888888
please support wiw o babi 0-1-0ness within lap of to()tal mother nature’s womb(gut)
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