ख़ाली सांसे

सृष्टि गोदी की ख़ाली ज़मीन में

आत्मा(तत्व)शक्ति की जरूरत ख़ाली सांसे

अंदर-बाहर धहलती धारे ख़ाली झांसे

इधर-उधर अटकाए ख़ाली फाँसे

टेक टिकाएं दाएं-बाएं ख़ाली दिलासे

आधे सफ़ेद सच्चे ()साल

गोदी के काल्कि को है ना इंतज़ार

सृष्टि की कोख का ख़ाली खल कख-वार

तुम-हारे अदर भरपूर त्रिकाल का अंत-कार

ना लौटाए अंदर तरपूर तरो ताली ताल तार

नही आया य-कीन भरपूर भहाली बे-हाल ब-हार

गोदी को-ख

सृष्टि गोदी की कोख में आधे अभी लाते तारनी तीख तहा ता


हाँ गोदी कोख ख़ाली आधे बाहर नहीं निका(ह)लेगी


ख़ाली सीख सही सा आधे जमन जही जोगा

ख़ाली खोज्या ख़याली खोला

यू आल

क्युकी 2 काल्कि

आधे है काल की सारी ख़ाली छईया

तुम आके अपनी मे ढूढो भरपूर बईया

mir(or-a)cle की चाहिए दईयां


गोदी का गमल तो ख़ाली कीचड में ही खिलता

गांठ गड़े गढ़ों गा गईयां

ख़ाली अईया

सृष्टि मईया की गोदी में हमारे सोने की नईया

नदी तैरती ताए घर का ख़ाली खिवईया

नौका सांसो की भीतर ख़ाली सहज सिवईयां

अंतर्लीन अंदर आँखे विभोर ख़ाली अईया