no()thing no need
noc
no ob()ection (as)cert-if-i()c@
of _i-lent
k
no()thing no need
noc
no ob()ection (as)cert-if-i()c@
of _i-lent
k
बलराम का आम देखो ध्याया धाम
आधे अंदर बुलाये इत उत सारा काम
gut गोदी में रहे बूंदियो का ख़ाली नाम
सदा सदा खेले ख़ाली गुंजो गा गुरु-शाम
a g(ut)odi has to()tal me-as_ur
for _ol y f()iction in()id
u in_er()ia
a qu_et brea()ing is
paeing to()tal re_pect to
emptee t-on()u in()id
sil()n’t _ung
a pre-re(*)qu_sit for
b()eath_ork is emptee _ind
&
u _odi _ind be_ind 4 sto()m-ach
emptee _ind
भरपूर की अकल आने का क्या फायदा
आज की गोदी को
जो कल के अंदर आ भरपूर करी
आयी आ
ध को न्याय मिलता है भरपूर अनुवाद से
धन्यवाद
ख़ाली अनु gut गोदी के अंदर
ख़ाली विवाद
उच्च कोटि के विद्वान भरपूर उच्च
निति को ध्याते है
खाली कूट gut गोदी की निति के
साथ ख़ाली बहसती है
या बहाती है
२-४ दिन की चांदनी फिर अधेरी रात
चा-दनी भी भरपूर के दिन की रोशनी
को चमका देती है
असुरो का रात का सोना भी
असली होना नहीं
सिर-के के अंदर सब जियो के
सिर पैर ठंडे ठंडे शरीर भी सुन्न ख़ाली
सास के दामाद को तो भरपूर गर्मीं चाहिये
जग(की)राता जगाने की जय
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