चैन चास

चैन की ख़ाली साँस (सब को दिखावा लगती)
लेना कितना मुश्किल है भरपूर घर के अदर

(तुम) सोचते हो की (मेरा-मै) तो अकेला हू (मुझे) नही फरक पडता
(मेरे) पास सब कुछ है इस समा(दा)ज से दूर रहने के लिये
घर बगला गाडी (बीमारियो से कमाया) पैसा

यह तो अच्छी बात है

समा(दा)ज की तूतू मै मै क्या
घर के बाहर पैदा होता है

यह अकेला कौन है
दज्जिया दाज दिकलाये दडी दात

मंगल गायो

बचा()यो बचा()यो बचा()यो

भरपूर कंस के घर को
शाति शनि शाह शूट शिया
स्री लक्ष()जी का लड़ लूट लिया

कंस को कोई नही देना अंदर का क़र

कोई आए बैठे साँस के साथ-साथ

संग संग सरा-सर

एह अंदर आली आठ

आधे अंदर ख़ाली आधा कब्र खीसे खिली
एह तो गोदी की बुँदियाँ ही बत्तियांगी बली

जडपूर जुबान जोली जो जाट जायेगी जगोली

ध्यान से आखे लगाना तो दूर की दात
ध्यान से कान कुन() कही ककते