जो तुम हारो ने भरपूर जुबान
उची उठायी हारा
खींच लेगा गोदी में
आधे वारा
जो तुम हारो ने भरपूर जुबान
उची उठायी हारा
खींच लेगा गोदी में
आधे वारा
o _ell-o ha ha ha
कमजोर बीमारिया ही कामचोर
काटती नही जी हमजोर झाडती
th@ min_fu_l_ess ac_es ho_ mim म()रा
_ill a_ur in()id gut ग()रा
_ol wor_d com to _aid an era
ਸਾਹਾ ਸੀ ਸਮਾਯੀ
ਨਕਲ ਨਹੀ ਨਿਭਾਈ
ਅਦਰ ਦੀ ਪੜਾਇ
ਬਾਹਰ ਦੀ ਪਿਟਾਈ
ख़ाली बच्चे ख़ाली माँ की कोख
में उँगलियाँ नहीं उठाते
em_tee chil_ren 0 go out
for sigh_ s(ee)ing
_either in _or out
हमारे पुत्रो का ख़ाली गुण-गान हो
हमारी पुत्रिओं का ख़ाली देवी दान आदर लो
वैराग्य के अंदर नहीं होता
ख़ाली माँ का भरपूर सौभाग्य
हम अगले तो क्या किसी भी
आधा जन्म में तुम्हे देखेंगे नहीं
तो गोदी तो सारे जन्मो में छानेगी
तो पूरे ही निकलोगे अदर बाहर
सास ससुर सहर
सृष्टि गोदी के पानी ने बनाई बिजली
ने पैदा की अंदर की बि(दी)जली क्या मारेगी
आधे शक्ति(शख्स)शालि
निखली भरपूर अकल खेस खुजली
क्या करेगा नरकानर नाडा
नकली
_av u _een ip_an
adhe is wit_in
(_ter) _an
for now we(ill)age has
entered aquarius age
& ill t_an_form fu_lness
haze for
(we) are emptee ace
खडी जुबान का दिन किसी भी आधा जन्म
मे कभी नही निकलता इसी लिये दुयीया के
खुले अधेरे कुये मे समाज का सर
निकाल दुबकीया डाकती
डाक डायी
सास का मगल खाली तो समझो
बुध भी बाली के साथ अदर का जगल
जाली क्या करेगा सास का साल
बा(स)हर स्वाली कितने क्वाली
देखे अदर साला साली
_&s of2
a wor_d is wai_ing for u 2 _oo
समा()ज is soa_ing in()id u _ue
जुबान is jo_ing me 4 u f_ew
लाल लगाम लालची
बुलाये बूढ़ी बोड़ी बालची
u _av du_l nar_anar
0s in()id u
&
_ut man-y 1s
बीमा-यार
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