w_at’ _appening que()tioning a hat’ _@
Author: mandalalit
भ-य
भरपूर का भय भरपूर भाया का भरपूर भय
u-u
u too on fo_
रु-लाया
ख़ाली माँ को नहीं जगाया
जगाने को भरपूर भाया
गाने गाने में भरपूर जग-माया
ख़ाली शक्ति में नहीं समाया
आधे ने नहीं रुलाया
करलो अदर
भरपूर को तो भरपूर ही चाहिये न
तो देदो-लेलो कि(जि)तने भरपूर
इक्कठे करने है करलो अदर
पेरो का भरपूर तो कब्र में ही रहेगा
कोई भी सास का दामाद हो
किसी भी भाग का आधा जन्म हो
व्यस्त हो सजाने में घरो के भरपूर को
किसो भू……………..ल गये
साचा तेरा
जग में है साचा तेरा नाम
लो यकीन हो गया तुम्हारा भगवन भी
आधा तेरा ही है
तो क्या हमारी gut मईआ
आधी( )री
गोदी गिला
gut गोदी की रसोई में मईआयो ने आधे
बच्चे को पाल पास के बड़ा किया
आज उसी रसोई में भरपूर
सास के मूह से निकले
_hit
u वमन
err(ass)ume तो जरोरी है
भरपूर ass की सुगध से मूल मतर भी परे भागता है
इसी लिए सास की दामाद की भरपूर हवा के बादलो की
_ume s_ewed bie भरपूर car()ation अदर रहती है
a weillage _im*ply un()not _av
em_tee this in()id u वमन
_arb on
cc और tv ma()ch & @_ach
दोनो ही करते है
_it-to carb-on co_y है
घर घर की भरपूर निशानी आखो की
भरपूर ज़ुबानी
एक _ail को हर आधा जन्म में
del()i-वर होती है
t-nit
6 nit दिन_er on _ouse
y 7 _all to _et s_&
a भरपूर 8
9 _e_@ed in()id
u _@ed

You must be logged in to post a comment.