असुर भरपूर ताकत वाले वोट वा
अपनी अपवित्र आदतो से गोदी मे ही भरपूर तखत भरपूर भखते भा
देवो की अखंड मासुमियत सृष्टि गोदी में ख़ाली माँ
की सिफ़त के सदके सारा सार ख़ाली पवित्र पा
असुर भरपूर ताकत वाले वोट वा
अपनी अपवित्र आदतो से गोदी मे ही भरपूर तखत भरपूर भखते भा
देवो की अखंड मासुमियत सृष्टि गोदी में ख़ाली माँ
की सिफ़त के सदके सारा सार ख़ाली पवित्र पा
ਚਲੋ ਅੱਧਾ ਜਮਨ ਦਾ ਕੰਮ ਤੇ ਲੰਮਾ ਲੀ ਲੇਹ ਲਾਯਾ
ਫੇਰ ਰਾਖ ਰੌਨ ਰੇ ਕਿੰਨੇ ਜਨਮ ਆ
ਖਾਲੀ ਅੱਗ ਨਹੀਂ ਆਨੀ ਅਦਰ
ਵਰੇ ਵਬਦੇ ਵਾਰੋ ਵਰ ਚੁਕ ਚਦਰ
अब क्या आधे की ख़ाली मा(न)सियत पे दिए ढ़ालने ढाए ढा
अ()ख़ना दिया ख़ाली है कि दूर मख्मूर
पर है कहा ख़ाली ि()यत नूर
आधे को सा(आ)मने आने की जरूरत तो ख़ाली खा अंदर
आधे न तो आगे न पीछे
न ऊपर न निचे
न इधर न उधर
धार ख़ाली भीतर ही भू-लाया
शुभ-लाभ ख़ाली गोदी सींचे सुर
for u _in’t e*/i()ence no()thing
_et to com in()id o_hing
wit_in _ap of nat-ur to()tal s_ing
tran__end in(out)id em()tee _ing
a _hed_ing s_in or gut _urface()all _pin
_er-ving _ong no_er ever-y1 level _in
a_on u ne_er in(out)id _in
सास के अदर s_an_ard _ar ख़ाली दर्द होते है
so u _av to _ook in()id _other pe()ple’ weillage
for ever-y1-thing to _ing _ig _in
अब लताओं
आप कहते है की आ-दे पाप पे
नहीं नहीं ख़ाली मुखड़े का माप मे
अदर न आये भरपूर जू-लाप जे
जब सास के अदर के काम कम-जोर है
तो बाहर भरपूर काम ढूढती आखे भरपूर मु()ड़ा _or है
o babi baabi baaaaabi
बच्चे क्या शरीर होते है इधर उधर उछाले अदर उछलते आ
भरपूर भछाल भय
————-
ਡਗਰ ਅੰਦਰ ਹੀ ਡਡੇ ਡਾਇ ਡਾਡੇ ਡਾ
a s_ern @tu()n be_o-me _ated re_lit-ee of in()id _urn
for _e_t_une to a_in wiw o fe()n
as nothing within so without ever-i-thing
as ever-y-thing in()id so out()id nothing
no _@ter ever-y-thing u cre_ate f()om in()id _ind_ull_ess _ound
to()tal nothing re()_on-ates wit()in aum()tea ()ound
श्री गणेश को विद्या-पढ़ाई का भगवन मानते है
और
सास के अदर विदाई की आई के आड़े नही भरपूर काटे
हठी दाते दिख(आ)वे के दाते दा
दिखावा क्या पड़()दा दा
किराये के घरो मे शरीर क्या खरीदे होते है
तक(दी)रीर कैसे खरीद सकते है जो आधा जन्म की बद()लत है
सास तो शरीर का मर()वीर बेच के भरपूर सोती है ताकि रात की
घुटी बात का बुरा भरपूर दामाद को दिन मे न यहसूस हो
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