गोदी से गफा

घर के अदर इधर-उधर की लड़ायी
एक देश के अदर-बाहर की पूरी पढ़ायी
भू के लेखे में असुरो की ज़मीन की ऊंचाई
न मापी किसी ने अपनी जुबान जी तूतू मे मे भरपूर तुरायी
किसी को न भनक सास के दामाद के
भरपूर भाड़ भी भगदड़ बिंदी बी बिदायी

भरपूर भुर्गति

श्री कल्कि की मईया की गोदी को

तुम-हा-री तूतू मे मे की दुनिया के एक-एक ने

दरपूर दुर्गत दा()याँ दहशत दम-हार दिया

इसका सारा सार न चूका-पा-येगा

भरपूर भसर भोड़ता भमय भा भाड़ भैया

_ime_in

र के हम राही डा()ली रहम
भो भनाये भरपूर भ्रम
भही भगाये भन-दर भे-यम
घर के अदर पूरा बेरहम
बही बगाना अदर का क()म
न ढूढे सास का क्रिया क्रम

u _an _eep bi_t_ing in-if-i-n_te आधा जन्म in()id
each सास t_ough u _ill ne_er _ease
one in()id u बेरहम

er-or

0 eas_y _ask a_ead 0 _ask

neit_er 0 _af nor y-0-s in()id u _on s()y

u _ar 0 even in()id o_d to ena_t भरपूर fra_d
y-0-s in()id u _ar even in(out)id on wor_d

u 0 t_ink of ys-lf _iv in re_l bu_l
& _ot_ers _ar li-ste_d 1 _ur-ly in()id who_l
& ever-y1 e_s di_es _ipping 0s of ea_l

y-0-s in()id u _ar @tach _ol _oss
th@ _hich is pa_t 1 _ow ful_illed le_st _ill de_ach g_oss
sum1 _ill b_ing up_it _oss
y-0-s in()id u _ar _ol _os