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तीनो लोक काँपते है
खाली वीर के आधा-आधे महा आम से
तूतू मे मे की दुनिया मे कोई नही एक का-पता
(काला-पता हो गया)
अपवित्र असुर अपना ही नही मानते सृष्टि गोदी को
तो पूरा घर तो तूतू में में की पूरी खैर एक हो के खायेगा
यैसे ही तो भरपूर घर का खाते पीते है
लेकिन घर अदर खाली रहता है
y-0-s in()id u ने कभी en-o नही दि-खाया
इसी लिए en_oy भरपूर वास अदर ही पाया
कौन
y-0-s in()id u के मे()मान आने जरूरी है
क्यूकि बाहर के मरदो के अदर आने से ही घर भरपूर साफ़ लगेगा
नहीं तो अपवित्र असुर दिन को जगा दे ऐसा तो कभी होता नही
तूतू मे मे की एक दुनिया मे कोई करता धारता नही
काना भरपूर राजा अदर अधी प्रजा
भरपूर ज़ुबान का धूम्रपान का धूया मागे इम्तिहान
बुलायो सामने कौन है अदर ख़ाली नीलपंथ का ध्यान
घुले तो जाने नही तो बद ही रहो आधे की मौत का प्याला भरपूर वरदान
y-0-s in()id u बुलाये मे()मान
अदर की गलियो के मरद की लाठी की भरपूर जान
शोर मचाये भरपूर तूफ़ान का मचान
न छोड़े अदर की भरपूर दूकान
आते रहे आधा जन्म के दौरान
(कितना मान रख के गये है मेज को
मत ठोको चार लातो के ऊपर )
सास के भरपूर दामाद का अदर भरपूर खर्चा करते है
और सृष्टि गोदी के लिए
भरपूर ज़ुबान ख़ाली खर्च नहीं होती
भरपूर निवाला नहीं दिवाला
तो क्या सास की बहार के अदर का घरवाला
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