ि छदा छोर छत-वाले छांटे
ख़ाली खोर खाट खाटे
दारू दौर दनदर दते
हिस्की हट हरपूर हटे हाँटे
कितने सवाल सास के सवा लाल
अदर ही भरपूर एक बाल
तो क्या _urg करने भी एक आधा साल
किसे बताते अदर भरपूर भाल
ि छदा छोर छत-वाले छांटे
ख़ाली खोर खाट खाटे
दारू दौर दनदर दते
हिस्की हट हरपूर हटे हाँटे
कितने सवाल सास के सवा लाल
अदर ही भरपूर एक बाल
तो क्या _urg करने भी एक आधा साल
किसे बताते अदर भरपूर भाल
सुद्ध-बुद्ध का जला एक-लौता भरपूर पिला
y-0-s in()id u भरपूर बुद्धि भी झल्ला कर झोकती झा
अदर y-0-s in()id u की जान है (बचा) तो नेक (नचा) जहान एक महान (मचा) मे
आधे ख़ाली शैईया उठाने के कंधे नहीं है दुनिया के नेक बन्दे
बूंदिया ही लाए ख़ाली खंधे ख़ाली हो रुख्सत रहे राद द्रोण दे दंदे
ख़ाली रखने से गोदी गोत ख़ाली गति गा
माड़े क()मो को खरीदी बीमायारीयो की भरपूर कमायी दाता कोई सास अदर
जैसी अदर मोड़नी वैसी बाहर निचोड़नी
कहा है बिगड़ी होई भरपूर तोड़नी
बिना गीले गी श्राप गिया
फिर तो पाप ही आप पिया
धुया धरदर धाप लिया
रत-रा रोये रात रिया
धत धोये ध-धात धिया
भरपूर सोचने से सास की सात सगी अदर जागी जात जा
मकरे की बा तो मनायेगी की मेर
तलो की भरपूर त्रास तले ताली तेर
श्री धन्वंतरि जी की विद्या-म()धानी को भरपूर बेचा और बिच-वायो
तभी तो इतनी बरकत बीमा(या)रियो के सवा()लो की बनायी और बनायो
विद्या तो खभी गहरी नहीं खो खक्ति खायो और खवायो
तो gut के तल के ऊपर ही भरपूर दामाद उडायो
सास तो भहरी ही भोती भरपूर भतायो
लुढ़क लुढ़क लरपूर लात लतायो
सास के भरपूर दामाद का घर के अदर भरपूर रवईया
लाये तूतू मे मे की दुनिया के एक-एक भया भइया की शईया
अपवित्र ही भरेगी खाख खा खुसुर खईया
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*ple de_ti-nation of भरपूर आधा रमन
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भरपूर 0 ban_er lit_ing in()id lan_er
_ether u _ar ()_anted or _aunted ho_se
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wet_er u _ar _reathing _ife on _ur_ace, _iddle or ce_ter
(for 0 u _ast in()id that _hi_ch is on s_ir)
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re_ain on _ur_ace odo_r of _ullness _oul
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_till u t_ink _ow to co_or in()id _ink
c_az-y u _hink y bec_me full_ess in()id _ink
0_ing _ache u _eel mo()e for ever-y1-thing is in()id s_ore
on _ean to _eep भरपूर y-0-s in()id u भरपूर an-i-_als
in ()or_er is a _ol s_ick _hoas loa_er
सास की भरपूर आखो को म()दरमा घटता बढ़ता नज़र आता है
यह नहीं पता गोदी में एक-एक सूर्य भी एही करता है आधा दिन के अंदर
तुमहारी दवा की भरपूर आयी तो सास को gut के अदर गला नही सकती
तो क्या दवा को red भरपूर gala _ut करेगी
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बाहर भरपूर कामो के लिये उत्सुकता से उकसाते है
और अदर बचो की भरपूर वाट लगाते है
बेटा हम भी ऐसे ही पले बड़े है
भरपूर घर तो ऐसे ही एक भले भै
ख़ाली घर में क्या दीवारों से भरपूर सर फिरोयोगे
सास के अदर एक एक कैसे अड़ा-योगे
गोदी के अमृत के लिए
असुरो और सुरो के बीच में सुर-आ()गर मंथन
सुरो के हाथ है केतु की पूँछ (नहीं होगी सफ़ेद मूंछ) और असुरो के पास राहु की धड़
(आगे से पकड़ पीछे है जकड)
तभी तो जब-अब देखो
तूतू मे मे दुनिया का एक दिन तू खुद ही
सास की धड़ ख़रीदेगा या खरोंदेगा
अपवित्र असुर
घर के अदर ही सास रौदेगा
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