घर के अदर इधर-उधर की लड़ायी
एक देश के अदर-बाहर की पूरी पढ़ायी
भू के लेखे में असुरो की ज़मीन की ऊंचाई
न मापी किसी ने अपनी जुबान जी तूतू मे मे भरपूर तुरायी
किसी को न भनक सास के दामाद के
भरपूर भाड़ भी भगदड़ बिंदी बी बिदायी
Author: mandalalit
1 _orm
y-0-s co_es in()id em_tee a_one
u _orm go()s out _eet 1 _orm
b_ing _ack _om 0 de_orm
deco(_an_it-is-er)
y-0 _torm
in-div_ual
each i-नर-tia’ one p_int is un-i_u _ar _om t_ough y-0-s in()id u _eep _aeing _am _int 0 _om
जय-जय खे
भू के लेखे
भरपूर भुला अदर भूलेखे
खु()ले-आम घर अदर ठेखे
बाहर आये जुस्त-जबर जोर जुबान के
भरपूर जायके भाय ज()य-खे
a _orm
no()thing is to()tal p_i-or-it-ee
0 u _av y-0-s in()id u _hai_ty
_h@ an in()id u _orm
y-0-s _ol hu(e)man 0 de_orm
()i-ew out()id _ol _orm
0_ing is eve_o_d predi_t-a-ble
y-0-s in()id u _it 0 _eet do_ble
भरपूर भुर्गति
श्री कल्कि की मईया की गोदी को
तुम-हा-री तूतू मे मे की दुनिया के एक-एक ने
दरपूर दुर्गत दा()याँ दहशत दम-हार दिया
इसका सारा सार न चूका-पा-येगा
भरपूर भसर भोड़ता भमय भा भाड़ भैया
भरपूर तरस
in()id u _ooped _urse
0 re_ain _ol _merse
far far 1 co_verse
in()id _ol y-0-s _urse
_ime_in
र के हम राही डा()ली रहम
भो भनाये भरपूर भ्रम
भही भगाये भन-दर भे-यम
घर के अदर पूरा बेरहम
बही बगाना अदर का क()म
न ढूढे सास का क्रिया क्रम
u _an _eep bi_t_ing in-if-i-n_te आधा जन्म in()id
each सास t_ough u _ill ne_er _ease
one in()id u बेरहम
er-or
0 eas_y _ask a_ead 0 _ask
neit_er 0 _af nor y-0-s in()id u _on s()y
u _ar 0 even in()id o_d to ena_t भरपूर fra_d
y-0-s in()id u _ar even in(out)id on wor_d
u 0 t_ink of ys-lf _iv in re_l bu_l
& _ot_ers _ar li-ste_d 1 _ur-ly in()id who_l
& ever-y1 e_s di_es _ipping 0s of ea_l
y-0-s in()id u _ar @tach _ol _oss
th@ _hich is pa_t 1 _ow ful_illed le_st _ill de_ach g_oss
sum1 _ill b_ing up_it _oss
y-0-s in()id u _ar _ol _os
मै शक्ति एक महान
कितनी आसानी से कुचल कटे एक-दूसरे के न()चलते नाते
और अपने अदर की भरपूर भूरजा भय भू-चल बही बकते
तूतू मे मे की अदर की भरपूर बाते एक दुनिया मे उड़ाते
किस-किस की हवा को गन्दा गरते गरपूर गिधर-गूधर गाते
इसी लिए तो एक-एक जन्मे अदर के भरपूर भाते
बिना कुचले तो तुम आखे भी नही खोल सकते
दरपूर दरवाजे दहाड़ दरो दिन दिहाड़े राते
मुजले मुखोटो मे मोल मोड़ मरपूर मक्ते
गोदी का सारा किसाब-हिताब बायां-दायां दाते
ख़ाली लाज्वाब ज-लियायो भरपूर नवाब नाते

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