खाली मटकी तो ख़ाली पानी के
पार से ही पूट पई
इधर उधर ख़ाली बह गया
गोदी दिन ख़ाली देह दिए
शाम श()माये धार धाली धमाए
Author: mandalalit
मै वाली
ये भी काली वह भी काली
तो कहा है म()की बीच वाली
इधर उधर ()वार भर दवाली
ऊपर निचे न()रीली नरवाली
_et 0 t_y
0 a _ud i_ea to _eave ca_ved
1 as_ s_one in fu_ur
do _it in()id _ad no_
is th@ _eal-ly pos_bil
0 _ink _ow
1 is _le*ible in()id y-0-s
wit_out _osing _qua-0s
fo_us ex_ible
घराजा
सारे स()के पूरी पडकियो को पटाते पा
घर लाले लपट लौटाते लूट ला
भि()की भली
आधा जन्म जाल जली
सदपूर सास सब से सिली
करपूर काल किसी किसी कली
भरपूर भला भालो भाल भली
ज()दर जलाये जलो जी जो जली
ju_t _uss
0 r-ac 1 _ife to_ll t_ace
goin_ out is out 1 que_tion
_h@ _ar in()id 0 que_ti-on-in
an an_er of ti_ing ys-lf out _ill b_ing in()id da_ger
i.e. y eg_er
w_at 1 all-y _uss a_out y-0 us
ये यी
भरपूर भबरो से बचो का भरपूर भर()भर भायम भहता भा
बेटे को दे(कल)स के लिए लडना ला
और बेटी को घर भरपूर घर घड़ना घा
लडका लायक लाड()पूर लो लिखना ला
यह कौन सी लो को लाया घर अदर
घर मै खोई खाली बचा बुरा बी बही
मेरा सिक्का समा तेरा तिक्का तमा
0 _aut
0 mis_se 1/2 wit_out godi’ _u/()ci_i-on
a _ig _ic
0 _aching it @ _ural 1 _ol _lural
ju_t 0 _ae
_ap-pil-y u _il ex/ience 0 on()ly 2dae
for each 1 _ar _ree_ing pas_ 2_it b_ing ha
u _ar 0 a_on _et _eep bus_ b1
0 ca_ch-ing p_one

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