सप्तऋषियों ने त्याग दिया था भोलेनाथ का दिया सारा ज्ञान
असुर १-१ को स()भाल से सखे सा
भरपूर उत्पादन सास-कर कलयुग के अदर
कर कुकता क्या का
सप्तऋषियों ने त्याग दिया था भोलेनाथ का दिया सारा ज्ञान
असुर १-१ को स()भाल से सखे सा
भरपूर उत्पादन सास-कर कलयुग के अदर
कर कुकता क्या का
आधे को पैदा अंदर करने का दुःख
और अंदर मारने का सुख
आधा सास भरपूर भूख
घर के अदर है हसना मना
इसी लिये बाहर हसना योग
गोदी की ख़ाली जागरूकता
को रोके जडपूर जा जना
ब()वास बडपूर फला फूला
तब क्या अदर अब आयना भूला
धूनी धमी धरोहर धूला
रूनी रमी रा रुकता रुला
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ख़ाली आत्मा ख़ाली से खूट खर छूट छाती छटती छा
बाया बा बकाल बर बलग बया ()या
ह()मने ये आज म()सूस किया
सू को मिला ()हक भरपूर भया
जडपूर जताये झाड झा जिला
जोडे जान()र जावे जवानी जिला
सृष्टि गोदी में नहीं है कोई
इतिहास जो हसे हास
१ दुयीया वास
ना आया भरपूर
भर-हास अभ्यास
खतम करो खडपूर खास
हरियाली निराली गोदी की जमीन
और
एक दुयीया अदर बज()र-बट्टू बीन
अब एह च()मचे को देख दर दाड़
बो-तल ख़ाली है तो लेटा है
और भरी है तो खड़ा खाड़
कमाल कहा करा काड़
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ह() तू() बने एक-दूजे के लिये
इसी लिए तू को हमेशा हा ही मिलता है
तूतू हाहा का हीर पार पी पया पीर
दिल 10-10 दुया दुगना दरीर
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