खडी जुबान का दिन किसी भी आधा जन्म
मे कभी नही निकलता इसी लिये दुयीया के
खुले अधेरे कुये मे समाज का सर
निकाल दुबकीया डाकती
डाक डायी
Author: mandalalit
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सास का मगल खाली तो समझो
बुध भी बाली के साथ अदर का जगल
जाली क्या करेगा सास का साल
बा(स)हर स्वाली कितने क्वाली
देखे अदर साला साली
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a wor_d is wai_ing for u 2 _oo
समा()ज is soa_ing in()id u _ue
जुबान is jo_ing me 4 u f_ew
घोड़ी
लाल लगाम लालची
बुलाये बूढ़ी बोड़ी बालची
u _av du_l nar_anar
0s in()id u
&
_ut man-y 1s
बीमा-यार
th_ _ar
एक घंटे का आधा तो दीवार पे टंगी
घड़ी भी छुपाती छुप छुप छाती
और
आधा जन्म का एक दुयीया मे
टगा टेहता कौन बताता कहता
असुर सास सती सहता
ਪਲਾ ਪਲੇ
ਮਾਪ ਤੋਲ ਕੇ ਨਿਕਲੀ ਸਸ
10 ਬਾਹਰ ਗਵਾਏ ਤੇ 100 ਅਦਰ ਹਸ
ਇਧਰ ਉਧਰ ਨਸ ਨਸ ਬਸਾਯੀ ਬਸ
ਤੇ ਪਾਲਿਯਾ ਪ(ਈ)ਮਾਰੀਯਾ ਪਸ ਪਸ
आया आया
जुबान से बनी शरीर की मैल से बनी जुबान
फसे रहो इसमे आधा जन्म अनजान
जो गयी इधर उधर लेके अदर तेरा तान
पूरा ताने बजाये बाया बाजा बान
tri no
for contacts in()id famili
vi&it _om_pa_e
ਕਹਾ(ਸ)ਨੀ
ਆਖਾ ਵਿਚ ਰੋਸਨੀ
ਸਸ ਦੀ ਜਬਾਨ ਜਨੀ
ਮੇਰਾ ਤੇਰਾ ਘਰ ਗਾੜ੍ਹਾ ਘਨੀ
ਕਿ ਏ ਅਜਕਲ ਦੂਯੀਯਾ ਦੀ ਆਮਦਨੀ
ਆਟੇ ਵਿਚ ਰਲ ਮਿਲ ਖਾਯੋ ਖਨਕੀ ਖਨੀ
—
ਦੂਯੀਯਾ ਦੇ ਇਲਮ
ਸਮਾਜ ਸਿਲੇ ਜੜੇ ਜੁਲਮ
ਸਸ ਨੇ ਚੜਾਏ ਚਿਲਮ
ਹੁਕੇ ਮਾਰੇ ਅਦਰ ਬਾਹਰ
ਭਾਰੀ ਫਿਲਮ
त्यारिया
कब-रो के खाली कमरो से कहा
बीमा(या)रिया बुलाती है बाहर से
लायो अदर सास की
सारी स्वारिया
ख़ाली सीख
विद्या gut की
नहीं आसान मटकी
जो न गिरा अंदर झटकी
आँख लुढ़की साँस नटखटकी
नन्ही नुनकि

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