बाहर दूसरो की मौत की सोच
अदर के किसके जन्म से निकली
सास नही पतली गली फिसली
बाहर दूसरो की मौत की सोच
अदर के किसके जन्म से निकली
सास नही पतली गली फिसली
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godi will un()1
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b_ing
मैली 1 सास ने हमें कितना कुछ सिखाया
लेकिन 1 दिल न भरपूर भर पाया
आने को है मौत न लडे भाया
नही त्यार सास भरने को
() किराया
पाख-un()di सास सादी
—
हरा-आम(आ)जादी
असुरो की नही प्यारी
गोदी की ख़ाली वादी
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womb
बैठके अ()दर खाली करने की नही
है ताकत के दिखावे भरती सास
समाये समाज से सुदर
साज साज
नानी तेरी भरपूर मोरनी को मोर ले आये
बाकि जो भरपूर बचा चाले चोर ले भाये
बाहर जो होना था अदर हो आये
हाय बैठे अदर के समाज के
साले सौर को काले
कौर क्या काये
नही न()ये
ख़ाली माँ की ख़ाली बच्ची को
असुरो के 1 b_other_ood ने
बिजली के झटके दे दे के दे दे के
झटको को उतना ओछा
हुया की क्या कुया
_ro-the_hoo’ 1 each _is()ved
0s li_ on _ole so-lov_
1 sec की अंदर की साँस के gut ब्रह्माण्ड की कोख में आधा जन्म का भरपूर घमण्ड बाटे हुये समाज का अखड
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