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a_t-er y() ja_rata
no _est
_tr8 de_letion _est
un_ell y() _est
rem()er on_i emptee
u _ach to()tal _est
4 mie mama बूँदा
a to()tal em()tee
_ove of within child
4
aum()tea gut alone
mother nature
is
to()tal emptee
wiw o
t(i-me-ess)ruth
एक चुटकी
wh@ _app()n in()id
one _up wa()er
&
एक चुटकी सिंदूर
si-n_oor
भरपूर * 3 भाड़-र
अनंदी अ()म ओ आती आ
कहा गई
सेवा ख़ाली
gut गोदी की दिन रात के अंदर
तूतू में में ने बहुत ऊंचा उड़ना दिखाया है
शोर को तो इधर उधर ही भाया है
भीत भर अंदर भर लड़ाया है और
अंदर बैठना सिखाया है
कहा
कही उड़ रहा होगा
अब बैठने के सेवा ख़ाली
उपस्तिथ हो अंदर
सेवाये बीमारियों भरपूर सवारे
सास के दामाद के व()न ने
आज तक किया ही क्या है
सेवाये बीमारियों को पनाह देके
gut की ज़मीन को भरपूर काला किया है
अब तो बीमारिया भी @_ach हो गयी है
ज़मीन के तारे है भसरपुर सितारे केहते है
वारे न्यारे अंदर बसीठो जाम है कुंवारे के
संग करते है आराम के इशारे है
सौर मंडल के भवँरे प्यारे
आराम & शोर भी अच्छे
दोस्त है इधर उधर के
और आते जाते कटे रस्ते
भरपूर भीड़वाले अंदर
e-ation
for a-lon u hav
wit()in brea()ing
@em_tee affir_ation
for y()s will ne_er
_ain u _fee_(ef)en_
em__eieing in()id
a-lon u _ation
_id & _id
y() _ig _ree in-er _irc_ _uid
_un, _oon 2 _i-sing _rid
one लाडे _eave _no()ledg _trid
i’m _a_lling _ove to be
one again & _id
कीड़ा
no a-y()-_eda _an
_i* y() one भेदा टेड़ा
in()id सास का दामाद
ever-y-thing y() पेड़ा
रात को जागते भरपूर वेहड़ा
दिन में भाड़े के लाडे का कीड़ा केहडा
दुखा पड़ा अंदर लीड़ा
सास के दामाद के नुस्खों
का भरपूर खज़ा()ना लेहड़ा
ਅਣਜਾਣ ਕੇ ਜਾਨ
ਵੇਹਲੀ ਸਸ ਤੇ ਫੇਰ ਵੀ ਗੋਦੀ ਦੀ
ਅਣਜਾਣ ਬਣ ਜਾਂਦੀ ਏ ਕਿਸੇ
ਅੰਦਰ ਖਾਲੀ ਵੇਲੇ
ਹਰ ਪਹਰ ਵਿਚ gut ਮਇਆਂ ਦਾ
ਧਿਆਨ ਹੈ ਹੀ ਨਹੀਂ

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