बीमा(या)रिया तो सास के तल पर भरपूर फैली हुई है
और अब गहरी भी हो जायेगी भरपूर
ऊपर या नीचे
(दोनो ही)
तीनो मुह तो अदर बद ही रहेगे
अब आएगा प्रलय
दामाद होगा ख़ाली निलय
सास सहेगा ख़ाली मलय
बीमा(या)रिया तो सास के तल पर भरपूर फैली हुई है
और अब गहरी भी हो जायेगी भरपूर
ऊपर या नीचे
(दोनो ही)
तीनो मुह तो अदर बद ही रहेगे
अब आएगा प्रलय
दामाद होगा ख़ाली निलय
सास सहेगा ख़ाली मलय
तूतू मे मे की दुनिया मे एक की
नौकरी है तो अदर भरपूर छोकरी है
घर पूरा करने की भरपूर नक़ल ढोकरी है
नही तो अकल की टोकरी मे
अकाल की भरपूर धड़ आधा खोपड़ी है
भरपूर सास की आधा जन्म की _eb _er-ies
सास के दामाद का जखम भरपूर भर गया
१-१ epi_od की भरपूर वास की le-ला मे
आज रात ही देख डालूगा सारी
a wit()in gut ब्रह्माण्ड
a mi_ro u _ar st_iving _ard for man-y one’ _ini s_ic in()id u
th@ _hich is _orn befo()e /ish to _eep -ish
brin_ing in()id hol 1 _ish
लेलो – देलो
अपवित्र असुर अपनी पवित्रता का बलदा लेते है गोदी के ख़ाली इंसान को भरपूर अपवित्रता दिखा के
_ach मायी माता डे dir_y हेरी in()id y-0-s की फेरी की देरी
i.e.
_ow da-y-er u a_on cha()enge godi’ in()id _ange
a wit()in d_s-f-un_tional fa_il-y is
_ause of man-is_e-station of on wor_d _ause
_eeds hol f-unctional _ull y-0-s in()id u _aw()s
_ac_e ys-lf _no_n
i.e. y-0-s in()id u _or-c u go in()id on wor_d
achieving inn-er _lease wit_out y-0-s in()id u _ur-pri_e c()ase
y-0-s in()id u
un_er-est-i_ating 0 in()id
_iddle _ur-roundin_
be_veen
y & _ur_ace senses
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