टाल गयी

अपवित्र असुर भरपूर बहादुर है


सृष्टि गोदी के नादिर


घर के अदर ही उगलिया चाहते है चुगलिया उठाते है

भरपूर मुकालातो मे ही बाते पते है

क()मो का di_cuss th_ow करोगे तो कितनी दूर तक जायेगा

अदर ही उछाल रहेगा तूतू मे मे का

बला बल गयी

नही नही आधा जन्म को in_टाल गयी

फेल फेल

बीमा(या)रिया तो सास के तल पर भरपूर फैली हुई है


और अब गहरी भी हो जायेगी भरपूर


ऊपर या नीचे
(दोनो ही)


तीनो मुह तो अदर बद ही रहेगे


अब आएगा प्रलय

दामाद होगा ख़ाली निलय

सास सहेगा ख़ाली मलय

खो खो-पड़ी

तूतू मे मे की दुनिया मे एक की

नौकरी है तो अदर भरपूर छोकरी है

घर पूरा करने की भरपूर नक़ल ढोकरी है

नही तो अकल की टोकरी मे

अकाल की भरपूर धड़ आधा खोपड़ी है

m-y e_o

लेलो – देलो


अपवित्र असुर अपनी पवित्रता का बलदा लेते है गोदी के ख़ाली इंसान को भरपूर अपवित्रता दिखा के