_ac_e ys-lf _no_n
i.e. y-0-s in()id u _or-c u go in()id on wor_d
_ac_e ys-lf _no_n
i.e. y-0-s in()id u _or-c u go in()id on wor_d
achieving inn-er _lease wit_out y-0-s in()id u _ur-pri_e c()ase
y-0-s in()id u
un_er-est-i_ating 0 in()id
_iddle _ur-roundin_
be_veen
y & _ur_ace senses
what is it?
on man’ _ic ti_ _a-un_ting in()id u
th@ _hich is pa_t on y-0-s _et-_ive _el-com for each 1 _ife
अपवित्र असुर अपना ही नही मानते सृष्टि गोदी को
तो पूरा घर तो तूतू में में की पूरी खैर एक हो के खायेगा
यैसे ही तो भरपूर घर का खाते पीते है
लेकिन घर अदर खाली रहता है
y-0-s in()id u ने कभी en-o नही दि-खाया
इसी लिए en_oy भरपूर वास अदर ही पाया
कौन
y-0-s in()id u के मे()मान आने जरूरी है
क्यूकि बाहर के मरदो के अदर आने से ही घर भरपूर साफ़ लगेगा
नहीं तो अपवित्र असुर दिन को जगा दे ऐसा तो कभी होता नही
तूतू मे मे की एक दुनिया मे कोई करता धारता नही
काना भरपूर राजा अदर अधी प्रजा
भरपूर ज़ुबान का धूम्रपान का धूया मागे इम्तिहान
बुलायो सामने कौन है अदर ख़ाली नीलपंथ का ध्यान
घुले तो जाने नही तो बद ही रहो आधे की मौत का प्याला भरपूर वरदान
y-0-s in()id u बुलाये मे()मान
अदर की गलियो के मरद की लाठी की भरपूर जान
शोर मचाये भरपूर तूफ़ान का मचान
न छोड़े अदर की भरपूर दूकान
आते रहे आधा जन्म के दौरान
(कितना मान रख के गये है मेज को
मत ठोको चार लातो के ऊपर )
सास के भरपूर दामाद का अदर भरपूर खर्चा करते है
और सृष्टि गोदी के लिए
भरपूर ज़ुबान ख़ाली खर्च नहीं होती
You must be logged in to post a comment.