_ro_er-b

घर का कैदी अदर लका लाये
कला भरपूर भरी दुनिया अदर भाये

सास क्या जाने अदर-रक के रुके का स्वा()द

कल न पछताये आज पुछाये क्या हुया जब ठोड़ी ठग गयी अदर ठेठ ठाय

लाठी भाई अदर बाटी
तो इद्री हठ अदर भरपूर आती

भरपूर तल के ९०० ताल खुजलाये अदर एक बल बाये

ਡਾ-ba

जब सास के अदर के काम कम-जोर है

तो बाहर भरपूर काम ढूढती आखे भरपूर मु()ड़ा _or है


o babi baabi baaaaabi

बच्चे क्या शरीर होते है इधर उधर उछाले अदर उछलते आ


भरपूर भछाल भय

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ਡਗਰ ਅੰਦਰ ਹੀ ਡਡੇ ਡਾਇ ਡਾਡੇ ਡਾ

घुट यहसूस

किराये के घरो मे शरीर क्या खरीदे होते है


तक(दी)रीर कैसे खरीद सकते है जो आधा जन्म की बद()लत है


सास तो शरीर का मर()वीर बेच के भरपूर सोती है ताकि रात की

घुटी बात का बुरा भरपूर दामाद को दिन मे न यहसूस हो

हाथ जोड़

अच्छा अच्छा इसीलिए हाथ जोड़ के

खड़()पूर ही खड़े खाते खा

तुम्हे पहले ही y_ar_ing दे देते है


तुम-हारा भरपूर ह()हारा इधर उधर का

भरपूर बिगाड़ बही बाता


fu_l _oon की जोड़ी जा


एक-ing से बनायी बा


_ull _ur(re)vive o करेगी दुनिया के

एक-एक का ()जा

भय-कर

सास को अदर की इधर उधर की बीमा(या)रियो

ने भरपूर भेर भरा भय-कर

अब उससे ऊपर क्या होगा

ख़ाली कं-कर का अन्न-कर

gut के अदर जल-कर

दामाद तक पही पहुचेगा बल-कर

सुरग मे ही आयेगा उछल-कर

ज़ुबान पे मचला भरपूर चल-कर