नुस्का पिरो

y-0-s की राक्षसी ख़ाली राज()मारी के क्यों नही खा पायी


चांदी की छड़ी को सुला दी
सोने की छड़ी को जगा दी


और फिर भरपूर घर के अदर आ के कहती


मुझे मनुष्य की गद आ रही है मे खायू

अब टेडी लात सीधी बतायो

मनुष्य को कभी राक्षसो की गध नही आयी


क्या लाते भी टेडी होती है


आधा जन्म का नुक्स पिरोती है

उप-साज

भरपूर अपवित्रता अपने आप ही असुरो के अदर हरी जाती है


अपवित्र सरलता से परिवार की सस्कार भी भरपूर पवित्र धोते है


भरपूर सच मीठी बात है जो अदर अपवित्रता का घोल उपवास है

हमेशा से ही बिना पहचाने अदर छिपे राज अपवित्र पूजते साज

बद-ला वाली

सृष्टि गोदी के अंदर


एक एक ने हर सदी के अंदर की दुनिया ही बदल डाली


इसी लिये अपवित्र असुर घर-घर का बदला भरपूर डाल वाली


ਤਦਿ ਤੇ ਸੰਸਾਰ ਵਿਚ ਕਿੰਨੀਆਂ ਦੁਨੀਆ ਪੈਦਾ ਹੋਈਆਂ ਤੇ ਮਿਟ ਗਈਆ ਸਵਾਲੀ


ਇਹਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ ਬਦਲੇ ਦੀ ਲਹਿਰ ਪੂਰੀ ਇਕ ਭਰਪੂਰ ਕਵਾਲੀ

1-1 की दुनिया

ऊपर वाले ने दुनिया बन-यायी


और उसके अदर भरपूर बिठ-आया एक भाई

मागे इधर उधर के अदर से गुरु-यायी


दुनिया का एक घर भरपूर चलाना है


नही तो भरो अदर ही भरपूर हवा-यी