ला-या

चाहे आपने गलत गुरराया
चाहे अपने सही सुख सुलाया
गोदी में तो गरपूर गंध गाड़ा गिराया
आधा जन्म करपूर काम किराया


घर साफ़ करने आये
घर वालो ने जूते जी जड़ जाड जराहे
क्यों नही इधर-उधर गरपूर गुरराये
दिखायो खायो बहार भी गिड़गिड़ाये

वेहले दामाद मे y-0-s in()id u बाली बैठा बा
चलो बहार का खरचा-खर्चा खानी खाडते खा

चट चाटा

सरपूर सासो सारनी सा
घर अंदर बिंदी विदाई वानी विचातानी
खट खायेगी खडपूर खमानी
खून खोलेगा खड़ा खुला ख़ि-तानी


तुम हारे मा-बाप को लापता
भरपूर भूतो का भूला भ्राता
और काली कर-तूतू लेकर आया छाता
१०० सर सड़ा इधर उधर एक रावन रटा राता


खुलेयाम खटी खोयी in_ent()it-y की इज़्ज़त
अदर की जाग(जग)रूकता चढ़ाने चढ़ने चो चहकती चा