ब()वास बडपूर फला फूला
तब क्या अदर अब आयना भूला
धूनी धमी धरोहर धूला
रूनी रमी रा रुकता रुला
Category: y-0-s unkno-n
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su_1 _al(in_)cu_ating in(out)id gu_ & _ad
as 1 bec_me _ol _ill _oard _ad
कर तू()स
ह()मने ये आज म()सूस किया
सू को मिला ()हक भरपूर भया
जडपूर जताये झाड झा जिला
जोडे जान()र जावे जवानी जिला
1-2
ह() तू() बने एक-दूजे के लिये
इसी लिए तू को हमेशा हा ही मिलता है
तूतू हाहा का हीर पार पी पया पीर
दिल 10-10 दुया दुगना दरीर
बड बढ़
बगैर अदर मेहनत ()य बाहर क()म-आयी
भरपूर तूतू मे मे बदपूर बदायी
eve_y1 _ae
mo_us o_er&i
be pre-se_t for _h@’s ho_ling
_ere & no_
मेरी तो छल छी छुट्टी क()ट कयी
_old od_
0 @ d_op of 1 h@
_ho_ing 0 out
un_ble to _ope 1 in()id _out
0 _it y-1 bu_let
_urning _id _it _oil
0 _ury 1 h@__et
wa_t to _ook y_ung
0 d_ool _iv 1 du_g
_hi_ _eat
_his don
thi_ pie _art comp_ete
it’ _ime to _et go re_eat
0 c_an_
1 wor_d _ews _us o_er_owe-ring
eve_y1 in()id gut
0 e-c_ip-s()s di_empo_ering
in()id _ut
गेरी गाठे गा गठ गयी
मेरी ज़िन्दगी कब बदलेगी
जिन-जिन जी दगी
फुल फा फिम फिम
अ-ढी
गोदी में केंगति है काली कीड़ी
दुयीया मे उड़ती है पडपूर पीढी
तल तट तो ताल तीली तीडी
गोदी की ज़मीन पे सजती है शांति से अरथी
तल तट के रथ को न मिली अ और ी त()रथी

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