अच्छे-बुरे करमो की अदर-बाहर दहशत
घरपूर घर के अदर कोई नही देखता
तो क्यो कही अदर खुली लू()ट इधर उधर
आधा जन्म करपूर करिया()करम के काड
बाहर रहम रडपूर रन()ता रेकता
मानी न तूतू मे मे की बात
बुत बना मसि मसि मुक्ता
अच्छे-बुरे करमो की अदर-बाहर दहशत
घरपूर घर के अदर कोई नही देखता
तो क्यो कही अदर खुली लू()ट इधर उधर
आधा जन्म करपूर करिया()करम के काड
बाहर रहम रडपूर रन()ता रेकता
मानी न तूतू मे मे की बात
बुत बना मसि मसि मुक्ता
मु(ह-कहा-के)रख बाहर परा()नी
सास है क्रूर-क्षेत्र ल()हू की दीवानी
न रुके तलवार चढता पडपूर पानी
अदर गिरे न क्यो कही काव क-मानी
आधा अदर नरपूर निरबल
आधा बाहर दरपूर दुर(मूह)बल
और बीच मे इधर उधर दरपूर ()थल
जन जन दामाद उज्ज(भरपूर)बल
यह क्या च()डी बनियान की दूयीया _ut से बाहर निकाल राखी है कि()की
इसे देख के कौन-कौन से दन्त म()जन अच्छे बुरे भलेगे
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घर के अदर _each fu_l wa_er नही है
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in(नर) com()p_@_ 0 _oor _lo_red
बाहर ढूढे सुरक्षित छाव छी छत
अदर आधा जन्म जी भरपूर मु()सीबत
इधर उधर बेकार बिखरे बकर बत
ऊपर निचे बैठा एक-एक गत
यह कान मे काज कही करता
le_ _his bu_n in()id bac_y-ar_ ins_a
ca_ch up la_er ho_li_ay vi_a-la-vi_ta
un()bo* me cri_ta
1 _ac_age of आधा जन्म in कल-युग ar_i_ves
0 _pen _rec_age in()id _ur()vives
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