_eave no t1 un()urned
y-0-s in()id u mo_ning _ice
(he-we-ste)al-thy yie_
_y ni_ tu_ned th_ice
wit_out o_er_ooking
आधा जन्म hoo_ing
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y-0-s in()id u mo_ning _ice
(he-we-ste)al-thy yie_
_y ni_ tu_ned th_ice
wit_out o_er_ooking
आधा जन्म hoo_ing
घर घी घसोई मे अग अग क()जी झडने से
y-0-s in()id u hi-lo le_el so_ie-ty’
1 sy(t_eet)em out()_rongho_d _unch
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कीटानु जन्म बाहर नही लगता आधा-एक फैलने मे
और आधा जन्म अदर नही मुकता एक कीटानु सभालने मे
ले आयो अगले जन्म का आधा-एक कीटानु
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आधा जन्म जही जगता कल के किटानु कैलाने के
और सास सोते है कीटानुयो के ढेर मे सपने सजोते से
स्वच्छ बाहर तूतू मै मै स्वस्थ अदर मेरी जुबान का स्मा(दा)ज
तभी तो आगे बाहर बूडेगा आधा जन्म अदर लुडेगा
घर के बाहर क्या कमाया पडपूर पडायीयो पाया
दामाद ने चार चाद(रे) चुनौती चमकी चाया
घर अदर छाडि छडी छाया
ले ते(मे)रा मुक()मल माया
तुम क्या इतने ही भु()क्कड़ हो की गम को पता ही नही
वसोइ वी वस्तु अदर है या शौचा-लू मे जडी जही
तुमहारे घर घ असूल है
दूयियादारी दबल दबूल है
वस्तु वास वडापन वसूल है
क्यो क-वारी कबूल है
तरपूर तूतू मै मै यमायी ये यारियो ये बीमे बारो
और बीमा(या)रियो बे बरपूर बन()दर बूटायो
इलाज महु()त माली महगा मालूम मा
अब आया अत-रिक्श शय्या शा
आधा जन्म ज(ली)ही झुका झा
कितना करपूर काया का
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तूतू मै मै भ 1/2 भायी
अंदर की खाली देवी की गुफा की इज़्ज़त लूटता
और बाहर बहनो के समा(दा)ज की रक्षा के धागेधार धहाडता
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