दफ(ना)तरो में तूतू क्या अकेले ही
आती है मे से मिलने
अब बचो को तो घर के अदर ही
रहना पड़ता है
हाय हाय कैसे देखेगे असुरो को
अपवित्रता झाड़ते हुये
एह लो
घर के छुपे दफतर बाहर के
आफ-टर से मैच करते है क्या
दफ(ना)तरो में तूतू क्या अकेले ही
आती है मे से मिलने
अब बचो को तो घर के अदर ही
रहना पड़ता है
हाय हाय कैसे देखेगे असुरो को
अपवित्रता झाड़ते हुये
एह लो
घर के छुपे दफतर बाहर के
आफ-टर से मैच करते है क्या
भरपूर सास ने अपने अदर की
अपवित्रता से गोदी में सूराख किया है
उसमे से गुजरेगी भी असुरो की अपवित्रता
फिर क्या होगा
आधा न माने
भरपूर रोगी को तूतू मे मे दुनिया का
1-1 पहचाने
भरपूर लड़(मड़ा)ईया लगा के
खुद हार-वार के
अत मे ख़ाली चेहरा वार के
वाह उस्ताद वाह
क्या निखार आये आप के
तूतू मे मे की दुनिया ओह दाया प()री है
जो पवित्र बाया ख़ाली निगलेगी
नही तो भरपूर दया पिघलेगी
y-0-s in()id u को समझ मे नही आता
आधे का ख़ाली co_ d-un_
_ill b_anks भरने मे भरपूर _uckलीफ आता
अपवित्र असुर भरपूर बहादुर है
सृष्टि गोदी के नादिर
घर के अदर ही उगलिया चाहते है चुगलिया उठाते है
भरपूर मुकालातो मे ही बाते पते है
क()मो का di_cuss th_ow करोगे तो कितनी दूर तक जायेगा
अदर ही उछाल रहेगा तूतू मे मे का
बला बल गयी
नही नही आधा जन्म को in_टाल गयी
a wit()in go s_ip _isc से अदर की y-0-s _end नही हो सकती
इसी लिए दिखावे का भरपूर _ash-i_on है
बीमा(या)रिया तो सास के तल पर भरपूर फैली हुई है
और अब गहरी भी हो जायेगी भरपूर
ऊपर या नीचे
(दोनो ही)
तीनो मुह तो अदर बद ही रहेगे
अब आएगा प्रलय
दामाद होगा ख़ाली निलय
सास सहेगा ख़ाली मलय
तूतू मे मे की दुनिया मे एक की
नौकरी है तो अदर भरपूर छोकरी है
घर पूरा करने की भरपूर नक़ल ढोकरी है
नही तो अकल की टोकरी मे
अकाल की भरपूर धड़ आधा खोपड़ी है
भरपूर सास की आधा जन्म की _eb _er-ies
सास के दामाद का जखम भरपूर भर गया
१-१ epi_od की भरपूर वास की le-ला मे
आज रात ही देख डालूगा सारी
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