_id u up()_ra()ed
y() zo_’ it-er()nari
o_n-li to en_ in()id
a-lon u to __eat__
_t@()-naree
_id u up()_ra()ed
y() zo_’ it-er()nari
o_n-li to en_ in()id
a-lon u to __eat__
_t@()-naree
कैवल्य आधे केवल व()न को साधे
रह जाओगे अंदर आधे
जब सांसे ख़ाली वाह देह
आधे का डसा आप को सूंघ न सके
आप ने कोशिश की तो ()प की
गंध को भूल करके जू जायेंगे
y() in()id u bre()ing
is a que__tion
&
br()hing a()on u
is
wit()in emptee
an_()er
तुम्हे देश निकाला तुम्हारे तूतू में-में के
मा-बाप ने दिया है
कितने _(en)ema लड़ा के
बस्ती पक्की है ना
पंचकर्मा का असर भी भरपूर रहा है
और तुम क्या काला कर रहे हो
गोदी के gut अंदर
शा- धरती के पुत्र के मुँह से – बाश
तो जरूरी है न
f-de()ach-un
that which one is __ing
so far un()not _rr_v
@ des()i_ation to
bec()me either
full or emptee
brea()e in(out)id e-नर
_ind to बुंदिया
& un()not _et _ook
y() in()id de()ach
in10tion
4
बुंदिया are pur()ing
a()lon for e-inn()r
arr()v 2 _oon
खींच भरपूर निवाले का काम
लो आआ आधे जा ख़ाली आम
नहीं बैठा तो घुल जा अंदर इंतकाम
करो करि ख़ाली _ut का इम्तिहान
रुख भी बताते है का अंदर का रास्ता
जो वाह पड़े सामने का वास्ता
अंदर ही गुम हो चले का नास्ता
देहरो न रोको भीतर ख़ाली निकास्ता
()ax-ing के दाग पूरे पक्के है
किसी भी सास के
अंदर में नहीं साफ़ होते
कुरेदने पड़ते है
फिर थोड़े मुमकिन है
अभी सफायी
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