आधे केवल्य
के समाने
आधा आमने आना
आधे केवल्य
के समाने
आधा आमने आना
गोदी ख़ाली अणु परिवार
है बनवास अंतर्मन स्वीकार
आधा-आधे ध्यान धरो दी(वा)दार
सृष्टि गोदी हरी(नि)राली आशीर्वाद
आमने सामने का शिकार
चुप छाप ख़ाली मजधार
बुँदियाँ का ख़ाली खुमार
आधा क्या है दिन्दा दिल्ली
नही अदर बाहर त्यार
eie aum
an aum()tea b_ainee boo_er
re()urning tim()lee tum()
for ys-lf ha_d(c_aft)ly hum()
_et’ p_ae a ma_ch mo mu_mur
i do u _av _aring cu (_urn) _ur
आधे अंदर ख़ाली आधा कब्र खीसे खिली
एह तो गोदी की बुँदियाँ ही बत्तियांगी बली
जडपूर जुबान जोली जो जाट जायेगी जगोली
ध्यान से आखे लगाना तो दूर की दात
ध्यान से कान कुन() कही ककते
धरती का १० पुत्र आगे १०० गया
हरी(निर्ण)आली आई सृष्टि गोदी
कलयुग का अन्तहकरणा
श्री काल्कि जी का बिंदु ख़ाली नामा
ख़ाली आधा-आधे आमा
अब स्वालाल एह है की
गोदी का ख़ाली दर ढाई धुंधर अहि आ
अणु-मिट्टी के कण-कण के अंदर
सम्पूर्ण देवी की वैशाली-शक्ति शुद्धि
आधे अंदर साँस पूर्ण स्माधि
is आधा आम _oing t(h_r)oug_
in(नर)id u cha_ice
met-a(o)mor()fo()sis
c_ry_al_is
on-lee a_1 u _ish
13-13
wis
सृष्टि गोदी का ख़ाली परिवार
आधा आम – आधे आम
रवि(हर)वार
You must be logged in to post a comment.