साँसों की होळि
दिल ने माल मधोली
मिल जुल ख़ाली खोली
ले आया अनु आम अमजोळी
Category: within
ख़ाली आधा-आधे आए
श्री श्री श्री
देवकी रुक्मिणी यषोदा
सारी बुँदिआ कलयुग के केवल्य
आधे बूंदी के अंदर सृष्टि
गोदी वसु-बा को निर्धारित
नमय ने नाए
—
आधा ऊपर
आधे निचे
बीच में गोदी
सींचे
a _ac_ic
eclectic or electric
an aum_tea dar_
is
to()tal
_ec_ic
a str8 through oilee hoops
a to()tal
a shunea gut is
wiw o
an infinite
womb
बोलो बाल
काआ कन्हईआ कल्कि
लए लाए आधे आम c_i
ख़ाली मईआ के बिंदु
सृष्टि गोदी के नंदन
आऔ हमारी सांसो से समधन
वस्सु राज्जे वंदं
श्री कल्कि जी के
बिंदु बंधन
आधे प्रदान
अलख निरंजण
सृष्टि गोदी का अन्न-जण निराकार
भिक्षां देहि भिक्षां देहि भिक्षां देहि
हे अन्नपूर्णा देवी
आधे को गोदी नंदन के लिए
गोदी उद्धार आदान कीजिए
धयाया धा
सृष्टि गोदी का ख़ाली ज्ञान आधे को
बुँदिआ जीवित जीने के लिए
धयाया धा
ख़ाली खाम
ख़ाली बच्चे ख़ाली माँ की कोख
में उँगलियाँ नहीं उठाते
em_tee chil_ren 0 go out
for sigh_ s(ee)ing
_either in _or out
हमारे पुत्रो का ख़ाली गुण-गान हो
हमारी पुत्रिओं का ख़ाली देवी दान आदर लो
वैराग्य के अंदर नहीं होता
ख़ाली माँ का भरपूर सौभाग्य
ख़ाली सीख
विद्या gut की
नहीं आसान मटकी
जो न गिरा अंदर झटकी
आँख लुढ़की साँस नटखटकी
नन्ही नुनकि

You must be logged in to post a comment.