कितने जन्मो के अंदर आधा
एक बलवान रहता है और
शुन्य जन्म में तो निर्बल ही मिलता है
शुन्य जन्म मिलता नहीं
gut गोदी के अंदर ख़ाली ढाल के
अपने आप शुन्य साँस
ढल जाता है
कितने जन्मो के अंदर आधा
एक बलवान रहता है और
शुन्य जन्म में तो निर्बल ही मिलता है
शुन्य जन्म मिलता नहीं
gut गोदी के अंदर ख़ाली ढाल के
अपने आप शुन्य साँस
ढल जाता है
i _ood do
ever-y-thing in()id u
(& me)
for ha_f wit()in chi_d to
be af()aid of on half
भरपूर कितना के ख़ाली कम-आया
आधे की प-हेली जन्म की भरपूर अंत के ख़ाली अनंत से
गोदी की ख़ाली नौका नौरूर है
गोदी के लहरें ख़ाली लो-पूर्ण है
किसके मु-काम का चेहरा चूर है
देखो तो जरा गोदी के अंदर भरपूर है
_ll spec()es o-n this plan-et
_no _ow to giv b_r-th
& pro()ect _oung bab()ie
asur wit()in y in()id
u()eing is a not spec-ies
आधे तो gut की tot-al माँ(की)मूली है
इसी लिए गोदी की आग ख़ाली बबुली है
अंदर बाहर बोले ख़ाली आधे तो-तुली है
भीतर न समझे ख़ाली भू ति-तली है
आखे दिखाओगे तो ख़ाली की
भरपूर बिजली है
भरपूर से अपना भार ढो नहीं होता
और गोदी की चिंटी को दाना उठाते
देख कर प्रेरणा मिलती है
एह कौन बातयेगा चींटी की टांगे
gut गोदी का ख़ाली घर-भार उठा
के संभलके के चलती है
भरपूर को तो यह भी नहीं पास्ता
यह क्यो अदर क्या है, ढोने से पहले
इकठा करना जरूरी है
ਅਲੀਆਂ ਪਤਲੀਆਂ
ਕੇਹੜਾ ਪਾਸਾ ਮਲਿਆ
ਸਿਧਾ ਕੇ ਪੁੱਠਾ
ਪੁੱਠਾ ਬਣ ਧਲਿਆ
ਹਿਸਾਬ ਵਿਚ ਦਲੀਆ
ਖਾਲੀ ਦਾਣਾ ਥਲਿਆ
ਭਰਪੂਰ ਭਾਣਾ ਚਲੀਆਂ
कच्चे घरो के अंदर के sq f()ame
का भगवान ma()ch करता है
बाहर के धार्मिक स्थानो के
अंदर के भगवन से
एक बात तो है
तुम्हारे अदर का तो ma()ch
करता है
इसी लिये हाथ के साथ आखे भी
जोड़ लगा के हईशा
ये चक्कर पूरा गुम गाम आता आधा को
पूरा hol करके लाता है लगता
लेकिन बुँदिया तो कभी _at()ch ही नहीं हुई
किसी भी युग के अंदर
gut मईया की अनोखी आंखे
ऐसी हे नहीं सौखी सखी
adha live _ead alive adhe
You must be logged in to post a comment.