नन्दु तुम्हारे अंदर के किले की कला ख़ाली बंधु है
चारो और का ख़ाली यश भी मन मुघ्द ख़ाली संधु है
तो फिर गोदी की गंध भी ख़ाली सुगंध सिंधु है
आधे आम तो ख़ाली गेंदा गंजु है
नन्दु तुम्हारे अंदर के किले की कला ख़ाली बंधु है
चारो और का ख़ाली यश भी मन मुघ्द ख़ाली संधु है
तो फिर गोदी की गंध भी ख़ाली सुगंध सिंधु है
आधे आम तो ख़ाली गेंदा गंजु है
y() _in d_aw _lla
t_en u _ov _tella
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रुख भी बताते है का अंदर का रास्ता
जो वाह पड़े सामने का वास्ता
अंदर ही गुम हो चले का नास्ता
देहरो न रोको भीतर ख़ाली निकास्ता
ख़ाली सड़क
ख़ाली भडक
कैसे धरो ध्यानी धड़क
छूटे ना छुड़ाये कैसी लडक
खींचे तार भिड़े सदक
रोटी कपड़ा और मकान
कार के आधा महान
जो डूबे अंदर जान
तो उतरे पहचान
भुजायो भुजायो
gut का _ail ਭਰਪੂਰ तूफ़ान
आज की आंखे बंद करने का फायदा कोई क्या है
—–
व()न के भीतर शिकारी
है अंदर के भीखारी
आये है लूटने gut की क्यारी
अब तो एह कुड़ी नहीं 2()tal प्यारी
आई है कल के काल की ठुमारी
साध लो अंदर भरपूर बीमारी
अंदर बाहर ख़ाली खू-मारी
आ गई e-नर की ख़ाली कुमारी
सफ़ेद घोड़े पे सवार ख़ाली निराली हमारी
—–
बूंदियो का पहरा-वा ख़ाली
दोगुना बिठा दो
आधे के आधा की कहा-नी है ख़ाली
नाम- -निशान की बाणी ख़ाली
सांसे जो वारे अंदर ख़ाली
ओहि e-नर-दानी की ख़ाली रखवाली
गोदी मईआ गोदी मईआ
बूंदियों की ख़ाली नईआ
धरे है ख़ाली ध्यान खिवईआ
अंदर ख़ाली डोली की बिदाईआ
ਅੱਧੇ ਡੋਲੀ ਤੁਰ ਪਈਆ
ਆਵੋ ਨਿਰਾਲੀ ਛਇਆ
नारा-आणि के आधे का
आम तो उना उगा
तुम्हारी दुनिया में नहीं स(अ)ति
आती है आ
दोर दाती देती दा
गोदी में आज भी ओइ रेंगता है
सांसो को ख़ाली सींचता है
ज़ेह-पीली आँखे फेंकता है
अदि का भाग आज भी
सांसो के उपर ख़ाली तैरता है
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