आधे मियानी
ਡੋਲੇਗੀ पानी
इतराती ज्ञानी
धि आन बोने आणि
आधे मियानी
ਡੋਲੇਗੀ पानी
इतराती ज्ञानी
धि आन बोने आणि
जब हनुमन जी को चोट लगी थी
तब वायुदेव ने गोदी की
हवा ख़ाली करदी थी
गोदी का अनुमान भी कुछ
ऐसा ही लगता है आज के अंदर
ख़ाली का मतलब
जीवन दान नहीं होता
बल्कि गोदी ख़ाली महान होता है
भरे यश तो बहुत सुनाने आते है
और ख़ाली शय नहीं पास्ता
कैवल्य आधे केवल व()न को साधे
रह जाओगे अंदर आधे
जब सांसे ख़ाली वाह देह
brea()e in(out)id e-नर
_ind to बुंदिया
& un()not _et _ook
y() in()id de()ach
in10tion
4
बुंदिया are pur()ing
a()lon for e-inn()r
arr()v 2 _oon
रुख भी बताते है का अंदर का रास्ता
जो वाह पड़े सामने का वास्ता
अंदर ही गुम हो चले का नास्ता
देहरो न रोको भीतर ख़ाली निकास्ता
to()tal ख़ाली न तो महसूस होया है
न दिखता है
न सुनता है
न रोता है
सब कुछ ख़ाली करता है
to()tal gut गोदी के अंदर
सास तो अपने अंदर के
_ut के प्यार के का(कितने)बिल नहीं है
तो फिर gut मईया का
सारा प्यार तो सिरफ ख़ाली
बूंदियो के पास
अंदर ख़ाली
चुप छुप चुप
है
सास को प्यारी बनाने वाले
तो उपस्तिथ नहीं है अंदर
ख़ाली सड़क
ख़ाली भडक
कैसे धरो ध्यानी धड़क
छूटे ना छुड़ाये कैसी लडक
खींचे तार भिड़े सदक
y()s __ou()ing
_ot wor_ing
_t__id
()i am _ot acce__ing
this
()es
an empte being
si()ing sil()ence
is hard work for
that which one
un()not s__-port
&
this to()tal within child
is trieing 2()tal to ()ear
gut a()lon mother
nature’ pul_se
a-lon u mu_t
re()em_er adhe’
mum_er
010
dual 0 err-oun_ing
one
You must be logged in to post a comment.