यश-शय

जब हनुमन जी को चोट लगी थी

तब वायुदेव ने गोदी की

हवा ख़ाली करदी थी


गोदी का अनुमान भी कुछ

ऐसा ही लगता है आज के अंदर


ख़ाली का मतलब

जीवन दान नहीं होता

बल्कि गोदी ख़ाली महान होता है


भरे यश तो बहुत सुनाने आते है

और ख़ाली शय नहीं पास्ता

चुप छुप चुप

सास तो अपने अंदर के

_ut के प्यार के का(कितने)बिल नहीं है

तो फिर gut मईया का

सारा प्यार तो सिरफ ख़ाली

बूंदियो के पास

अंदर ख़ाली

चुप छुप चुप

है


सास को प्यारी बनाने वाले

तो उपस्तिथ नहीं है अंदर