गोदी में आधा ख़ाली मासूम दुसरे मासूम का
क्या जडजोर जुबान चला के शिकार करता
जो एक काल का भय भरपूर सताता
जीकर ज़ुबाने जाते जाम जमाने
गोदी में आधा ख़ाली मासूम दुसरे मासूम का
क्या जडजोर जुबान चला के शिकार करता
जो एक काल का भय भरपूर सताता
जीकर ज़ुबाने जाते जाम जमाने
भरपूर शक की नज़र नही जानती
गोदी के हक की कदर
आसमान नही गिरता जमीन नही रूकती
तब तक ख़ाली रात की रूह रही भटकती
एक-एक सास की खबर लेगा
काल का हिसाब किताब करेगा
गोदी की मिट्टी के लिये लड़ेगा
दूयिया जमीन जर्रा जर्रा डरेगा
a _or_d _as no g_oun_
& tim is ru_ning _out f_own
to kee_ up _heck wit_out to_n
अब गोदी तो है नही यहा किसी के पास
कहां आए आधे आम आस
आधे ने तो सब कुछ ही त्याग दिया दंग
ren()ounce ton_ u so
हम दिखाए अंदर का डंग
eie aum
an aum()tea b_ainee boo_er
re()urning tim()lee tum()
for ys-lf ha_d(c_aft)ly hum()
_et’ p_ae a ma_ch mo mu_mur
i do u _av _aring cu (_urn) _ur
आधे अंदर ख़ाली आधा कब्र खीसे खिली
एह तो गोदी की बुँदियाँ ही बत्तियांगी बली
जडपूर जुबान जोली जो जाट जायेगी जगोली
ध्यान से आखे लगाना तो दूर की दात
ध्यान से कान कुन() कही ककते
धरती का १० पुत्र आगे १०० गया
हरी(निर्ण)आली आई सृष्टि गोदी
कलयुग का अन्तहकरणा
श्री काल्कि जी का बिंदु ख़ाली नामा
ख़ाली आधा-आधे आमा
अब स्वालाल एह है की
गोदी का ख़ाली दर ढाई धुंधर अहि आ
अणु-मिट्टी के कण-कण के अंदर
जो है बुँदियो के लिए गना गरजा
वोह क्या दिखाए आधे कब्र का दर्जा
यहा तो है कलयुग के कंस का कब्ज़ा
ऊपर से शाति बायी का दस(टूर)दबा
सुधरजा सारथी महा कंस मैला वस्बा
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