ओइ आधे बूंदी
बूँदा मईया ने सारा gut ब्रह्माण्ड का
परिवार ई भेजे भर दिया gut गोदी के अंदर
केवल्य आधे आ इसी लिए गहता है
आधा केवेळ ख़ाली आधे को ही लाना
भूल मत ख़ाली खाना
गोदी का साथ संभालना
अंदर बहार ख़ाली बहाना
और बींद में आम को झुलाना
ओइ आधे बूंदी
बूँदा मईया ने सारा gut ब्रह्माण्ड का
परिवार ई भेजे भर दिया gut गोदी के अंदर
केवल्य आधे आ इसी लिए गहता है
आधा केवेळ ख़ाली आधे को ही लाना
भूल मत ख़ाली खाना
गोदी का साथ संभालना
अंदर बहार ख़ाली बहाना
और बींद में आम को झुलाना
ख़ाली बिंदु पूर्ण
स्वार दे gut गोदी के अंदर
to()tal _ea()-ing
a_m()tea be- -tea
gut गोदी के काले बच्चे के
इधर उधर के ख़ाली कर्म
बुरे नहीं होते
हां पर
अंदर की जुबां तो
ख़ाली काली होती है
अच्छी लगे या बुरी
ख़ाली लाते तो लाती है
आधा को क्या भूलने की पड़ी है
या फिर भू के अंदर भरपूर
भूलक्कड़ लाने की लड़ी है
फिर तो लगता है की
लक्कड़ का ख़ाली आधे
भू के ख़ाली आ-ईरादे
खींची जाए सीधी नाक
चुप चाप भागे नेक न दे
gut मईया निवाला
देती है और लेती भी है
_ut का ख़ाली लेन-देन गोदी की मट्टी
सांसो के अंदर होली होली पिरोती है
सौगाते भरपूर गिराती
तुम्हारा हारा आधा ठुकराती
आधे ख़ाली अंदर इतराती
रात दिन सुरो सुर भरमाती
आई माटि अंदर दाति
wit()in vi _till मौर्य मोर
आधा कठोर आधे निर्मल ro_r
दोनों ख़ाली अंदर चित्तचोर
गोदी की ले आई ख़ाली मंद -शोर
नन्दु तुम्हारे अंदर के किले की कला ख़ाली बंधु है
चारो और का ख़ाली यश भी मन मुघ्द ख़ाली संधु है
तो फिर गोदी की गंध भी ख़ाली सुगंध सिंधु है
आधे आम तो ख़ाली गेंदा गंजु है
th@ no-thing _as pa_ed
wit()out _cra()ing _s y _ass
& this no()thing is
wiw o em()tee da_
ख़ाली समय का समाया क्या सिखाया
wit()in is _till ti()e
gut मईया के गोदी के प्यार ने
तुमको ख़ाली इबादत नहीं सिखाई
इतनी सी भी
लाहनत है तुम्हारे भरपूर पर
You must be logged in to post a comment.